चारबाग रेलवे स्टेशन पर धमाकों और ट्रेन पलटाने की योजना रुकवाई; टाइम-बम और केमिकल बम बनाने की तैयारी में थे आरोपी

लखनऊ में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़े चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी

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By Roopa
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लखनऊ: यूपी एटीएस ने शुक्रवार को चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया, जिनका पाकिस्तानी हैंडलर से सीधे संबंध था। ये चारों आईएसआई के नेटवर्क से जुड़े थे और देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, बड़े वाहनों, मॉल, रेलवे सिग्नल बाक्स और अन्य संवेदनशील जगहों पर आगजनी और ब्लास्ट कर बड़ी आतंकी वारदात करने की योजना बना रहे थे। शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि इनका लक्ष्य चारबाग रेलवे स्टेशन पर बड़ा हमला करना था।

आरोपियों में मेरठ के अगवानपुर निवासी साकिब उर्फ डेविड (25), मेरठ के अरबाब (20), गौतमबुद्धनगर के राम विहार निवासी विकास उर्फ रौनक (27) और राम विहार कालोनी के लोकेश उर्फ पोपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) शामिल हैं। एटीएस ने बताया कि ये लोग लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास सिग्नल और अन्य रेलवे संपत्तियों को आगजनी या विस्फोट के जरिए नुकसान पहुंचाने की तैयारी में थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से आकिब का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह दुबई में AK-47 लहराते दिखाई दे रहा है।

स्लीपर मॉड्यूल की तरह काम कर रहे थे आरोपी

मेरठ से शुरू हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि चारों संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी अबू बकर से जुड़े थे। अबू बकर ने उन्हें धार्मिक कट्टरपंथी वीडियो भेजकर युवकों को माइंडवॉश किया और उन्हें टाइम-बम बनाने की ट्रेनिंग दी। आरोपी देश के विभिन्न मॉल और बिल्डिंग में सीरियल ब्लास्ट करने, केमिकल बम से आग लगाने और ट्रेनों को पलटने की योजना बना रहे थे। इसके अलावा, हिंदू धार्मिक प्रतीकों वाली गाड़ियों में आग लगाकर दंगा भड़काने और वेस्ट यूपी में आरएसएस एवं अन्य नेताओं को निशाना बनाने की भी साजिश इनकी योजना में शामिल थी।

बिजनौर में हाल ही में हुई आगजनी की घटना के बाद इस मॉड्यूल पर निगरानी बढ़ाई गई थी। आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में उनके पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क, समय और स्थान की विस्तृत जानकारी, और देश की खुफिया एजेंसियों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की गतिविधियों पर नजर रखने के आदेश सामने आए। साकिब और अरबाब को सबसे पहले मेरठ से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद विकास और लोकेश को दबोचा गया।

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रेलवे सुरक्षा को भी बनाया लक्ष्य

आरोपियों ने ट्रेनों को पलटने की योजना बनाई थी। इसके लिए वे सिग्नल बॉक्स और रेलवे ट्रैक पर विस्फोट की तैयारी कर रहे थे ताकि लंबी दूरी की ट्रेनों में आपस में टक्कर हो और रेल हादसे को अंजाम मिले। मॉड्यूल के बाकी सदस्यों को भी इस साजिश में शामिल किया जाना था।

मोबाइल डेटा और सर्च हिस्ट्री से खुलासा

गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिए थे, लेकिन फोरेंसिक टीम ने डेटा रिकवर कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपियों ने कई संवेदनशील जानकारियों को इकट्ठा किया था। इनकी योजना के तहत विदेश से पैसा भेजा जा रहा था और बड़े हमले के लिए और रकम आने वाली थी।

परिवार और पृष्ठभूमि

विकास उर्फ रौनक का परिवार मूल रूप से हरियाणा का था और करीब 20 साल पहले नोएडा शिफ्ट हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक विकास दिखने में सीधे-साधे स्वभाव का था और उसके खिलाफ कोई विवाद या पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला। परिवार में मजदूरी और मकान की मरम्मत का काम होता है। विकास के गांव में रहने और त्योहार पर आने-जाने की जानकारी मिली है।

यूपी एटीएस की लगातार पूछताछ और छानबीन में खुलासा हुआ कि यह मॉड्यूल पुणे और बिजनौर में हुई घटनाओं से जुड़ा था। चारों संदिग्ध पाकिस्तान स्थित आतंकी अबू बकर से निर्देश पाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल थे। इनके अलावा मॉड्यूल से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।

कुल मिलाकर यह गिरफ्तारी देश की सुरक्षा के लिहाज से बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। एटीएस ने आतंकियों की योजना को नाकाम कर देश और रेलवे यात्रियों को गंभीर खतरे से बचाया।

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