पंचकूला में सस्ते सोने और किटी योजना के झांसे से ₹56.75 लाख ठगने के आरोप में गिरफ्तार दो ज्वेलर्स।

सस्ते सोने का लालच बना ठगी का जाल: ज्वेलर्स ने 10 परिवारों से ₹56 लाख हड़पे, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

Team The420
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पंचकूला: सस्ते सोने और आकर्षक किटी योजनाओं का लालच देकर लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में दो ज्वेलर्स को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने कथित रूप से कम से कम 10 परिवारों से करीब ₹56.75 लाख की ठगी की। आरोपियों को उत्तर प्रदेश और दिल्ली से पकड़ा गया।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वर्ष 2025 में पंचकूला के मढ़ावाला क्षेत्र में ‘श्री हरिदास ज्वेलर्स’ के नाम से दुकान खोली थी। प्रारंभिक दौर में उन्होंने ग्राहकों को कम कीमत पर सोने के आभूषण देने और विशेष बचत योजनाओं का लालच दिया, जिससे लोगों का भरोसा तेजी से जीत लिया।

किटी योजना के जरिए जुटाई गई लाखों की रकम

आरोपियों ने ग्राहकों को विश्वास दिलाया कि यदि वे मासिक किस्तों में धनराशि जमा करेंगे तो उन्हें त्योहारों, विशेषकर दीपावली के अवसर पर भारी छूट के साथ सोने के आभूषण प्रदान किए जाएंगे।

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इस योजना के तहत कई परिवारों ने नकद और बैंक अंतरण के माध्यम से बड़ी राशि जमा कर दी। जांच के अनुसार, आरोपियों ने लगभग 10 पीड़ित परिवारों से ₹56.75 लाख एकत्र किए। प्रारंभ में कुछ छोटे लेनदेन पूरे कर विश्वास कायम रखा गया, लेकिन जैसे-जैसे राशि बढ़ती गई, उन्होंने आभूषण देने में टालमटोल शुरू कर दी।

दुकान बंद कर फरार, संपर्क भी तोड़ा

जब ग्राहकों ने निर्धारित समय पर आभूषणों की मांग की, तो आरोपियों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद उन्होंने अचानक अपनी दुकान बंद कर दी और फरार हो गए।

पीड़ितों ने जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके मोबाइल फोन भी बंद मिले। शिकायत मिलने के बाद जांच प्रारंभ की गई, जिसमें आरोपियों के ठिकानों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सुराग जुटाए गए। इसके आधार पर दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।

ठगी की रकम से खोली नई दुकानें, संपत्ति छिपाई

जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी से प्राप्त धनराशि का एक हिस्सा उत्तर प्रदेश में नई आभूषण दुकानों को खोलने में लगाया गया। शेष नकदी और संपत्तियों को विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखा गया था, ताकि जांच एजेंसियों की पकड़ से बचा जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, यह कोई सामान्य ठगी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है, जिसमें पहले विश्वास अर्जित कर धीरे-धीरे बड़ी धनराशि जुटाई गई और फिर अचानक फरार हो जाया गया।

निवेश योजनाओं के नाम पर बढ़ रहे ठगी के मामले

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में इस प्रकार की ठगी के मामलों में तेजी आई है, जहां आरोपी किटी योजना, स्वर्ण बचत योजना या रियायती ऑफर के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।

प्रसिद्ध साइबर क्राइम विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी Prof. Triveni Singh के अनुसार,

“अपराधी अब सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर उन्हें निवेश या योजनाओं के नाम पर ठगते हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता और जांच अत्यंत आवश्यक है।”

निवेश से पहले सावधानी बरतने की सलाह

विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी स्वर्ण योजना या निवेश प्रस्ताव में धन लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता की पूरी जांच करें। केवल आकर्षक ऑफर या कम कीमत के लालच में आकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

यह मामला एक बार फिर संकेत देता है कि ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं, ऐसे में आम लोगों को अधिक सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।

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