भागलपुर: जिले में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने खुशालपुर गांव निवासी राजकिशोर यादव को गिरफ्तार किया है। यादव पर आरोप है कि वह ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) के माध्यम से सिलिकॉन बायोमेट्रिक मोल्ड और कागजी प्रतियों के जरिए 400 से अधिक लोगों की फिंगरप्रिंट क्लोन कर ऑनलाइन ठगी कर रहा था। इस मामले की जांच भागलपुर पुलिस और साइबर सेल टीम ने संयुक्त रूप से की।
पुलिस के अनुसार, यादव ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों, की आधार, ATM कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज़ों का गलत इस्तेमाल कर उनके खातों से सरकारी योजनाओं और अन्य वित्तीय लेनदेन का लाभ उठाया। DSP साइबर सेल कनिष्क श्रीवास्तव ने बताया, “यादव ने ग्रामीणों की अनपढ़ी और जागरूकता की कमजोरी का फायदा उठाते हुए आधार अपडेट, ई-केवाईसी और बैंकिंग सेवाओं के बहाने ठगी की। अनुमान है कि इस घोटाले से करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है।”
जांच में पुलिस को 320 लोगों की फिंगरप्रिंट की प्रतियां बरामद हुईं, जिनमें कुछ महिलाएं कटिहार जिले की भी शामिल हैं। पूछताछ के दौरान यादव ने अपने एक साथी का नाम भी उजागर किया। शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि यादव का साथी सोनू मंडल (सलेमपुर) था, जिसने फिंगरप्रिंट क्लोन करने में मदद की।
भागलपुर सिटी SP ने बताया कि साइबर पुलिस को 23 मार्च को परशुरामपुर के एक निवासी से लिखित शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एक संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू की। ऑनलाइन ठगी की पुष्टि होने पर मुख्य CSP ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गया।
FutureCrime Summit 2026 Calls for Speakers From Government, Industry and Academia
पुलिस ने यादव के कब्जे से चार कैश ट्रांजैक्शन रजिस्टर, एक लैपटॉप, खाता खोलने का रजिस्टर, फिंगरप्रिंट कैप्चर मशीन, 120 ATM कार्ड, 70 बैंक पासबुक, आधार की जानकारी और अन्य आपराधिक साक्ष्य जब्त किए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, प्रत्येक पीड़ित को इस ठगी में लगभग ₹25,000 से ₹30,000 का नुकसान हुआ।
साइबर एक्सपर्ट और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है, “ग्रामीण और कम साक्षर लोग अक्सर आधार और बैंकिंग अपडेट के बहाने धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में डिजिटल जागरूकता और मजबूत निगरानी आवश्यक है।”
अभी तक पुलिस का दावा है कि यह गिरोह कई और लोगों के साथ मिलकर काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में और भी कई नाम बताए हैं और पुलिस पूरी टीम को उजागर करने में जुटी हुई है।
इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में साइबर अपराध पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि कोई भी बैंकिंग या आधार से संबंधित सेवा केवल विश्वसनीय और अधिकृत केंद्रों पर ही कराएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि CSP केंद्रों के संचालन में पारदर्शिता और नियमित ऑडिट आवश्यक हैं, ताकि ग्रामीण और अनपढ़ लोग धोखाधड़ी का शिकार न हों। पुलिस लगातार ऐसे मामलों की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
