अलीगढ़: शहर से जुड़े एक बड़े जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें कागजों पर फर्में खड़ी कर करोड़ों रुपये की खरीद-बिक्री दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का खेल किया गया। मामले में कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने गुजरात के अहमदाबाद से गिरोह के एक सक्रिय सदस्य अल्ताफ सोजतवाला को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह संगठित नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था और कुल मिलाकर करीब ₹200 करोड़ की कर चोरी का अनुमान है।
मामले की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी, जब जीएसटी की अनुसंधान शाखा ने अलीगढ़ के सिविल लाइंस क्षेत्र में कागजों पर संचालित ‘जय श्रीराम एंटरप्राइजेज’ नामक फर्म की जांच की। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इस फर्म के माध्यम से करीब ₹66.34 करोड़ की बिक्री दर्शाई गई, जबकि वास्तविक कारोबार का कोई ठोस आधार नहीं मिला।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्म ने जिन कंपनियों से खरीद दिखायी, उनमें से एक ‘स्टार एंटरप्राइजेज’ पहले ही बंद हो चुकी थी और उसकी सप्लाई शून्य थी। इसके बावजूद जय श्रीराम एंटरप्राइजेज ने उस फर्म से माल खरीदना दिखाकर करोड़ों रुपये की इनवॉइसिंग की और इसी आधार पर ₹12.37 करोड़ से अधिक की आईटीसी का लाभ ले लिया।
जब अधिकारियों ने सिविल लाइंस स्थित गुरुद्वारा रोड पर दर्ज पते की जांच की, तो वहां इस नाम की कोई फर्म संचालित नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने भी स्पष्ट किया कि न तो यहां इस नाम का कोई कारोबारी है और न ही किसी प्रकार का संबंधित व्यापार होता है। फर्म के पंजीकरण में दिया गया मोबाइल नंबर भी बंद पाया गया, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
इस खुलासे के बाद मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई, जिसमें एसटीएफ को एक बड़े नेटवर्क के संकेत मिले। जांच के दौरान यह सामने आया कि गिरोह का संचालन आकाश पीयूष सोनी नामक व्यक्ति कर रहा था, जो अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर बोगस कंपनियां रजिस्टर कराता था।
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गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। बिना किसी वास्तविक लेनदेन के जीएसटी पोर्टल पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल अपलोड किए जाते थे। कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की जाती थी, जिसे बाद में कमीशन काटकर वापस कर दिया जाता था। इस प्रक्रिया के जरिए फर्जी आईटीसी तैयार कर वास्तविक कंपनियों को बेचा जाता था, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।
इसी कड़ी में एसटीएफ की टीम ने अहमदाबाद के गायकवाड़ हवेली क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी अल्ताफ सोजतवाला को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक पेन ड्राइव और ₹35,700 नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है, जहां आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने जय श्रीराम एंटरप्राइजेज के नाम और उससे जुड़े ईमेल व मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर 50 से अधिक फर्जी फर्में तैयार की थीं। इसके अलावा ‘गजानन ट्रेडर्स’ और ‘अमोल एंटरप्राइजेज’ जैसी कई अन्य बोगस कंपनियों का भी इस्तेमाल किया गया।
जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों, वित्तीय लेनदेन और विभिन्न राज्यों में फैले कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जो जीएसटी फ्रॉड के एक बड़े सिंडिकेट को उजागर करेंगे।
