फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म Dream11 की पेरेंट कंपनी Dream Sports अब वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा विस्तार करने जा रही है। कंपनी ने स्टॉक ब्रोकिंग बिजनेस में उतरने का ऐलान किया है और ‘Dream Street’ नाम से एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी का लक्ष्य तेजी से बढ़ रहे रिटेल निवेशकों, खासकर छोटे शहरों के यूजर्स को जोड़ना है।
कंपनी के CEO Harsh Jain ने एक इंटरव्यू में बताया कि इस नए ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म के लिए सभी जरूरी लाइसेंस हासिल कर लिए गए हैं। फिलहाल इसका प्रोडक्ट इंटरनल टेस्टिंग फेज में है और जल्द ही इसे आम निवेशकों के लिए लॉन्च किया जा सकता है। Dream Sports के पास पहले से ही 25 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स का बड़ा आधार है, जिसे वह अपने नए फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के साथ जोड़ने की योजना बना रही है।
कंपनी के मुताबिक, ‘Dream Street’ को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह खासतौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों के निवेशकों की जरूरतों को पूरा कर सके। इसमें AI आधारित पर्सनलाइज्ड इनवेस्टमेंट टूल्स दिए जाएंगे, जो निवेशकों को उनके प्रोफाइल और जोखिम क्षमता के आधार पर सुझाव देंगे। कंपनी का मानना है कि बड़ी संख्या में ऐसे निवेशक हैं, जो सही मार्गदर्शन के अभाव में बाजार में नुकसान उठाते हैं।
Harsh Jain का कहना है कि मौजूदा समय में लगभग 90 प्रतिशत रिटेल निवेशक या तो नुकसान में रहते हैं या अपेक्षित रिटर्न हासिल नहीं कर पाते। इसकी बड़ी वजह पर्सनलाइज्ड सलाह की कमी है। उनका कहना है कि ज्यादातर प्लेटफॉर्म उन निवेशकों पर फोकस करते हैं जो पहले से मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि नए या संघर्ष कर रहे निवेशकों के लिए पर्याप्त सपोर्ट नहीं होता। Dream Street के जरिए कंपनी इस गैप को भरने की कोशिश कर रही है।
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कंपनी का दावा है कि AI की मदद से निवेशकों को ऐसा अनुभव मिलेगा, जैसे उनके पास हर समय बड़े वैश्विक संस्थानों के एनालिस्ट उपलब्ध हों। इससे निवेश निर्णय लेना आसान होगा और जोखिम को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
इस नए प्लेटफॉर्म की कमान Dream Sports के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर Rahul Mirchandani संभालेंगे, जो इसके CEO होंगे। उनके साथ Karan Bansal और Nikhil Lalwani को-फाउंडर के रूप में जुड़ेंगे। यह टीम प्रोडक्ट, बिजनेस और टेक्नोलॉजी के स्तर पर प्लेटफॉर्म को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेगी।
Dream Sports का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब कंपनी अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव कर चुकी है। हाल ही में कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को कई यूनिट्स में बांटा है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी से विस्तार किया जा सके। ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में सख्त नियमों के बाद कंपनी ने अपने रेवेन्यू मॉडल को डायवर्सिफाई करने की दिशा में यह रणनीति अपनाई है।
वित्तीय सेवाओं में कंपनी पहले ही कदम रख चुकी है। मई 2025 में उसने ‘Dream Money’ लॉन्च किया था, जिसमें शुरुआत में गोल्ड और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश की सुविधा दी गई थी। बाद में इसमें म्यूचुअल फंड और लोन जैसी सेवाएं भी जोड़ी गईं। इसके लिए कंपनी ने ICICI Prudential Mutual Fund और InCred Finance जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी की है।
ब्रोकिंग सेक्टर में Dream Sports की एंट्री ऐसे समय पर हो रही है जब प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। पहले से ही Zerodha, Groww और Angel One जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म बाजार में मजबूत स्थिति में हैं। इसके अलावा MobiKwik, Flipkart समर्थित Super.money और CRED भी इस सेगमेंट में सक्रियता बढ़ा रहे हैं।
भारत में ब्रोकिंग सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। नए निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, खासकर छोटे शहरों से। ऐसे में Dream Sports इस मौके का फायदा उठाकर अपनी मजबूत डिजिटल पहुंच को फाइनेंशियल सर्विसेज में बदलने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सख्त होते नियामकीय नियम इस क्षेत्र को चुनौतीपूर्ण भी बनाते हैं। डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर बढ़ती सख्ती और टैक्स नियमों में बदलाव के बीच कंपनियों को निवेशकों का भरोसा बनाए रखना होगा।
फिलहाल, बाजार की नजर इस बात पर है कि Dream Street कब लॉन्च होता है और यह नए निवेशकों को किस हद तक आकर्षित कर पाता है।
