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पंचकुला: ₹12 लाख की फर्जी वीज़ा धोखाधड़ी में चार गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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पंचकुला। जिले की एंटी-इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने सोमवार को बताया कि चार व्यक्तियों को लुधियाना के एक व्यक्ति से ऑस्ट्रेलिया के लिए फर्जी वीज़ा देकर ₹12 लाख की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला सेक्टर 5 थाना में 27 फरवरी को भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज किया गया था।

पुलिस ने बताया कि हरप्रीत, जो अंबाला का निवासी है, 17 मार्च को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया। छह दिन की रिमांड के दौरान पूछताछ के बाद, उसके दिए गए जानकारी के आधार पर तीन अन्य आरोपी — चिराग नरुला, हरभजन सिंह और उनकी पत्नी नेहा — 19 मार्च को उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किए गए। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया ताकि मामले की गहन जांच की जा सके।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि नवंबर 2025 में आरोपियों ने उसका पासपोर्ट और दस्तावेज़ लेकर फर्जी वीज़ा थमाया और इसके एवज में ₹12 लाख की ठगी की। पीड़ित ने यात्रा की तैयारियों पर लगभग ₹5 लाख और खर्च किए। पुलिस ने जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट, बैंक रिकार्ड और फर्जी वीज़ा दस्तावेज़ जैसी महत्वपूर्ण साक्ष्य इकठ्ठा की।

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पुलिस ने आरोपियों से ₹3.35 लाख नकद, पांच मोबाइल और अन्य दस्तावेज़ भी जब्त किए। हालांकि, अभी भी दो आरोपी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए रैड्स जारी हैं। पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद, सभी गिरफ्तार आरोपियों को मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की धोखाधड़ी में अक्सर फर्जी वेबसाइट और नकली दस्तावेज़ का इस्तेमाल होता है, जिससे पीड़ित गंभीर आर्थिक नुकसान झेलते हैं। जांच के दौरान प्राप्त सबूत और आरोपी के बयान मामले की पुष्टि करते हैं।

यह मामला न केवल अंतर्राष्ट्रीय वीज़ा धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से नागरिकों को फर्जी निवेश और विदेश यात्रा के नाम पर ठगी का शिकार बनाया जा सकता है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वीज़ा या अंतर्राष्ट्रीय यात्रा संबंधी लेन-देन के लिए केवल प्रमाणित एजेंसियों और सरकारी माध्यमों का ही उपयोग करें और किसी भी असामान्य या संदिग्ध अनुरोध की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

इस कार्रवाई से पंचकुला पुलिस ने यह संदेश दिया है कि जिले में इमिग्रेशन फ्रॉड पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की फर्जी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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