गोरखपुर। खुद को मणिपुर कैडर का IAS अधिकारी बताकर शादियां रचाने वाले एक शातिर युवक का भंडाफोड़ हुआ है। गोरखपुर में एक युवती से शादी के बाद सच्चाई सामने आने पर मामला उजागर हुआ, जिसके बाद आरोपी को जालौन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रीतम निषाद उर्फ अर्जुन सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से इटावा जिले का निवासी है। जांच में सामने आया है कि वह केवल हाईस्कूल पास है और इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बावजूद वह खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता रहा।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कैंट क्षेत्र की एक युवती से शादी रचाई थी। उसने खुद को मणिपुर कैडर का अधिकारी बताया और अपने प्रभावशाली पद का हवाला देकर लड़की पक्ष को भरोसे में लिया। शादी 11 मार्च को संपन्न हुई, लेकिन अगले ही दिन जब वह पत्नी को लेकर इटावा पहुंचा, तब उसके झूठ की परतें खुलने लगीं।
लड़की पक्ष के लोगों को संदेह होने पर वे भी इटावा पहुंचे, जहां पूछताछ के दौरान आरोपी की असलियत सामने आ गई। इसके बाद विवाद हुआ और मारपीट की स्थिति बन गई। परिजन युवती को वापस लेकर गोरखपुर लौट आए और मामला दर्ज कराया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले ही शादीशुदा था। उसकी पहली शादी औरैया जिले के दौलतपुर गांव में हुई थी, जिसका अभी तक तलाक नहीं हुआ है। इसके बावजूद उसने दूसरी शादी कर ली। अब तक दो शादियों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
परिवार के सदस्यों के अनुसार, आरोपी कुछ समय इटावा में रहकर खुद को नौकरीपेशा बताता था। बाद में उसने अपनी पहचान बदलकर IAS अधिकारी होने का दावा करना शुरू कर दिया। आरोपी ने अपने जीजा के घर को ही अपना निवास बताकर लड़की पक्ष को गुमराह किया।
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पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन बुंदेलखंड के जालौन में ट्रेस की। इसके बाद कालपी रेलवे स्टेशन के पास से उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह फर्जी पहचान के सहारे कई लोगों को धोखा दे चुका है।
छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से मोबाइल फोन, टैबलेट और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर अन्य संभावित पीड़ितों और मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
शादी के दौरान आरोपी ने खुद को प्रभावशाली दिखाने के लिए पूरी तैयारी की थी। वह शेरवानी पहनकर बारात में शामिल हुआ और रस्मों के दौरान कई बार कपड़े बदलकर खुद को उच्च पदस्थ अधिकारी की छवि में पेश करता रहा। बताया गया कि उसने कई नेताओं को भी शादी का निमंत्रण दिया था, जिससे उसकी विश्वसनीयता और बढ़ सके।
फिलहाल, आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां अब उसके परिवार और सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस धोखाधड़ी में और कौन-कौन शामिल था।
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि सामाजिक प्रतिष्ठा और सरकारी पद का झूठा दावा कर किस तरह लोगों को आसानी से ठगा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शादी जैसे संवेदनशील मामलों में भी पूरी जांच-पड़ताल और सत्यापन बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
