वाराणसी। वाराणसी में एक युवक साइबर ठगों के शिकार हुए, जिन्होंने फेसबुक पर दोस्त बनकर उन्हें गोल्ड में निवेश का झांसा दिया और करीब ₹26 लाख की चपत लगा दी। पीड़ित प्रवीण कुमार, जो लक्सा थाना क्षेत्र के घोहट्टा निवासी हैं, ने इस मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाना में दर्ज कराई है।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जुलाई 2024 में उन्होंने फेसबुक पर रोशनी राय (पुणे) नामक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की। युवती ने व्हाट्सएप नंबर देकर बताया कि गोल्ड में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा मिलेगा। उसने प्रवीण को एक लिंक भेजा, जिसके माध्यम से ऑनलाइन निवेश शुरू हुआ।
शुरुआत में प्रवीण ने छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन किए और धीरे-धीरे उनका विश्वास युवती पर बढ़ा। पहले एक लाख रुपये उसके दिए गए खातों में भेजे गए। इसके बाद ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से खाते में धनराशि बढ़ने लगी। बीच में दो बार आठ-आठ हजार रुपये की निकासी हुई। फिर भरोसा बढ़ने पर 3 अक्टूबर 2024 को 5 लाख रुपये उसकी कंपनी के खाते में भेजे गए।
धीरे-धीरे खाते में लगभग 32 लाख रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा। जब प्रवीण ने अपने पैसे निकालने का प्रयास किया तो उसे 40 प्रतिशत “रिस्क मार्जिन मनी” के रूप में 12.10 लाख रुपये जमा कराने को कहा गया। इसके बाद 30 प्रतिशत टैक्स के नाम पर 9,12,585 रुपये और जमा कराने को कहा गया। जब अंततः अपनी धनराशि निकालने की कोशिश की गई, तब यह स्पष्ट हो गया कि यह पूरी योजना साइबर ठगी है।
पीड़ित ने कई बार साइबर सेल में शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन प्राथमिकी नहीं बनी। साइबर क्राइम थाना ने अब आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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साइबर क्राइम थाने के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला डिजिटल धोखाधड़ी का एक典 उदाहरण है, जिसमें सोशल मीडिया और व्हाट्सएप लिंक का इस्तेमाल कर पीड़ित का विश्वास हासिल किया गया और लगातार छोटी-छोटी रकम भेजवाकर बड़ी धनराशि ठगी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की साइबर ठगी में आम लोग अक्सर “ऑनलाइन मुनाफे के झांसे” में आ जाते हैं। अपराधी पहले भरोसा जीतते हैं और फिर क्रमिक तरीके से बड़े पैमाने पर धनराशि हड़पते हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया फ्रेंड रिक्वेस्ट और अज्ञात लिंक से कभी भी निवेश करने से पहले पूरी तरह सतर्कता बरतनी चाहिए।
वाराणसी में यह घटना स्थानीय नागरिकों के लिए एक चेतावनी भी है कि डिजिटल लेन-देन में अत्यधिक सतर्कता और बैंक अथॉरिटी के सही माध्यमों का उपयोग करना बेहद जरूरी है।
साइबर क्राइम थाना की जांच अभी जारी है। पुलिस ने कहा कि आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, पीड़ित को अपने खाते और निवेश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
यह मामला डिजिटल धोखाधड़ी की बढ़ती प्रवृत्ति और सोशल मीडिया पर लोगों की संवेदनशीलता को उजागर करता है। विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह की ठगी रोकने के लिए जागरूकता, डिजिटल सुरक्षा प्रशिक्षण और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्टिंग बेहद आवश्यक है।
