सहारनपुर। दो हजार करोड़ रुपये के पुराने नोटों का खजाना होने और उन्हें बदलवाकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर बिहार के दो लोगों से 16 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में सहारनपुर पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी शाहनवाज को गिरफ्तार किया है। सदर बाजार पुलिस की तलाशी में उसके कब्जे से 500-500 रुपये के छह जाली नोट बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर नकली करेंसी के कारोबार के साथ पंजाब से अवैध हथियार और कारतूस लाकर दूसरे स्थानों पर बेचने में शामिल होने की जानकारी भी दी है। पुलिस अब इस मामले में उसके साथियों और कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिले के डूबोली गांव निवासी कृष्णाकांत दुबे और उनके एक साथी को आरोपियों ने बताया था कि उनके पास करीब दो हजार करोड़ रुपये के पुराने नोट मौजूद हैं। इन नोटों को बदलवाने के बाद बड़ी रकम हासिल की जा सकती है। अपनी बात पर भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने पीड़ितों को दो हजार रुपये के पुराने नोटों से भरे बक्सों का वीडियो भी दिखाया। बक्सों में बड़ी मात्रा में नोट दिखाई देने के बाद दोनों उनके दावे पर विश्वास कर बैठे।
आरोपियों ने केवल पुराने नोटों को बदलवाने का प्रस्ताव ही नहीं दिया, बल्कि एंटीक यानी दुर्लभ और प्राचीन वस्तुओं के कारोबार में भी भारी मुनाफे का लालच दिया। पीड़ितों को बताया गया कि इस कारोबार में निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। पुराने नोटों को बदलवाने की प्रक्रिया, लेनदेन और अन्य खर्चों का हवाला देकर आरोपियों ने शुरुआत में 15 से 16 लाख रुपये की जरूरत बताई।
पुलिस के अनुसार, नोटों से भरे बक्सों का वीडियो दिखाकर आरोपियों ने पीड़ितों का भरोसा हासिल किया और उनसे चार अलग-अलग किस्तों में कुल 16 लाख रुपये ले लिए। रकम देने के बाद जब पीड़ितों को समझ आया कि पुराने नोट बदलवाने और एंटीक सामान के कारोबार के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है, तो उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे। आरोप है कि रकम लौटाने के बजाय उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
इस मामले में कृष्णाकांत दुबे ने 29 अक्टूबर को सदर बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर शाहनवाज निवासी मिर्जापुर पोल, विशाल त्यागी निवासी जटकारा, दिल्ली और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। मामले में शाहनवाज पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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मुकदमा दर्ज होने के बाद नगर क्षेत्र के द्वितीय क्षेत्राधिकारी की निगरानी में और प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए इनामी आरोपी शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से 500 रुपये के छह जाली नोट मिले। पुलिस अब इन नोटों के स्रोत और उनके इस्तेमाल के संभावित तरीकों की भी पड़ताल कर रही है।
पूछताछ के दौरान शाहनवाज ने कथित तौर पर दिल्ली निवासी अपने साथी और अन्य लोगों के साथ मिलकर नकली नोटों के कारोबार में शामिल होने की जानकारी दी। उसने यह भी बताया कि पंजाब से अवैध बंदूकें और कारतूस लाकर दूसरे स्थानों पर बेचने का काम किया जाता था। पुलिस इन बयानों की पुष्टि करने के साथ ही हथियारों की आपूर्ति, बिक्री और नकली करेंसी के कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुराने नोटों और मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों से ठगी करने के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी के पास से जाली करेंसी बरामद हुई है। पूछताछ में नकली नोटों और अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिली है। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि दो हजार करोड़ रुपये के पुराने नोटों का दावा केवल ठगी के लिए तैयार की गई कहानी थी या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय है। साथ ही, बिहार के दोनों पीड़ितों से ली गई 16 लाख रुपये की रकम कहां भेजी गई और इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका रही, इसकी भी जांच की जा रही है।
