नई दिल्ली: देश में निवेशकों की बढ़ती संख्या के बीच, निवेश सलाहकारों (Investment Advisors) की कमी अब और अधिक गंभीर समस्या बन गई है। ऐसे में सेबी (SEBI) जल्द ही एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा रहा है, जो निवेश सलाहकारों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और अनुपालन (compliance) से संबंधित मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म इस महीने ही सार्वजनिक किया जा सकता है। इसका उद्देश्य निवेश सलाहकारों के लिए रेगुलेटरी गाइडेंस और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाना है। एक स्रोत ने बताया, “यह प्लेटफॉर्म वैसा ही होगा जैसा पहले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए बनाया गया था और इसे जल्द लॉन्च किया जाएगा।”
विशेष रूप से, देश में २२ करोड़ से अधिक डिमैट खाता धारक होने के बावजूद रजिस्टर्ड निवेश सलाहकारों की संख्या एक हजार से कम है। इसके अलावा, सक्रिय रूप से काम करने वाले निवेश सलाहकार और भी कम हैं। कई निवेश सलाहकार रजिस्टर्ड होने से हिचकिचाते हैं क्योंकि उन्हें कानूनी अनुपालन और प्रक्रिया जटिल लगती है। प्रस्तावित प्लेटफॉर्म उन्हें पूरी प्रक्रिया का स्पष्ट मार्गदर्शन देगा।
पिछले महीने एक कार्यक्रम में, SEBI के अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने कहा कि “SEBI SETU” विकसित किया जा रहा है, जो निवेश सलाहकारों को रजिस्ट्रेशन से लेकर लगातार अनुपालन तक, सरल और पूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से निवेश सलाहकारों को कम्प्लायंस प्रक्रिया का प्रशिक्षण और समर्थन मिलेगा, ताकि उनका पंजीकरण और रजिस्टर्ड स्थिति आसान हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम निवेशक सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता दोनों के लिए आवश्यक है। वर्तमान में, निवेश सलाहकारों की संख्या कम होने के कारण कई छोटे और मध्यम निवेशक उचित मार्गदर्शन से वंचित रह जाते हैं। नए प्लेटफॉर्म से नवीन निवेशक और सलाहकार दोनों को लाभ होगा, क्योंकि यह उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं में सही और तेज़ मार्गदर्शन देगा।
सेबी का उद्देश्य केवल संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि गुणवत्ता और पेशेवर क्षमता सुनिश्चित करना भी है। प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन स्टेटस, नियमित रिपोर्टिंग, और अनुपालन चेकलिस्ट जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी। इससे निवेश सलाहकारों को कंप्लायंस की सभी आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी।
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विश्लेषकों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से निवेश सलाहकारों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, रजिस्ट्रेशन और लगातार निगरानी के काम में काफी तेजी आएगी। इसके अलावा, यह पहल निवेशकों के विश्वास और वित्तीय पारदर्शिता को भी बढ़ाएगी।
सेबी का यह कदम समय की मांग के अनुसार है, क्योंकि भारत में निवेशक संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन योग्य और प्रशिक्षित सलाहकारों की कमी से वित्तीय निर्णयों पर असर पड़ सकता है। नए प्लेटफॉर्म से निवेश सलाहकार कम समय में पंजीकरण, प्रशिक्षण और अनुपालन पूरा कर सकेंगे, जिससे निवेशक हितों की रक्षा और वित्तीय बाजार की स्थिरता सुनिश्चित होगी।
साथ ही, यह प्लेटफॉर्म छोटे निवेशकों को भी मार्गदर्शन देगा और उन्हें सुरक्षित और सटीक निवेश विकल्प चुनने में मदद करेगा। सेबी की यह पहल निवेशक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन दोनों को मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
निष्कर्ष रूप में, SEBI SETU प्लेटफॉर्म निवेश सलाहकारों के लिए एक सशक्त उपकरण साबित होगा। यह न केवल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाएगा बल्कि निवेशकों को भरोसा दिलाएगा कि वे कानूनी और प्रमाणित सलाहकारों के माध्यम से अपने निवेश कर रहे हैं।
