पटना। निगरानी विभाग ने समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल की भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) कंचन कुमारी झा को दो लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान उनके घरेलू नौकर सुमित कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। निगरानी टीम ने डीसीएलआर के सरकारी आवास की तलाशी के दौरान ₹13.82 लाख नकद और कथित तौर पर रिश्वत में मांगी गई वॉशिंग मशीन भी बरामद की।
मामला एक भूमि विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर निवासी मनोज महतो ने डीसीएलआर के खिलाफ निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, डीसीएलआर के न्यायालय में चल रहे भूमि विवाद से जुड़े मामले में फैसला शिकायतकर्ता के पक्ष में करने के एवज में दो लाख रुपये नकद और एक वॉशिंग मशीन की मांग की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपों की जांच की और कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे निगरानी टीम डीसीएलआर के सरकारी आवास पर पहुंची। आरोप है कि इसी दौरान कंचन कुमारी झा अपने घरेलू नौकर की मदद से शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये की रिश्वत ले रही थीं। टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तारी के बाद निगरानी अधिकारियों ने सरकारी आवास की तलाशी ली। तलाशी के दौरान ₹13.82 लाख नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा एक वॉशिंग मशीन भी मिली, जिसे शिकायत में कथित रिश्वत के तौर पर मांगी गई वस्तु से जोड़ा जा रहा है। बरामद रकम के स्रोत और अन्य संपत्तियों की जानकारी जुटाने के लिए जांच जारी है।
निगरानी विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि सरकारी आवास से बरामद नकदी कहां से आई और क्या इसका संबंध डीसीएलआर के पद से जुड़े किसी अन्य लेनदेन से है। इसके साथ ही भूमि विवाद से जुड़े मामले की फाइल, आदेश और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है, ताकि रिश्वत मांगने के आरोपों से जुड़े तथ्यों को रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापित किया जा सके।
कंचन कुमारी झा मूल रूप से मधुबनी की रहने वाली बताई गई हैं। वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से रोसड़ा अनुमंडल में भूमि सुधार उप समाहर्ता के पद पर तैनात थीं। कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, गिरफ्तार अधिकारी और उनके घरेलू नौकर के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा। मामले में बरामद नकदी, वॉशिंग मशीन, रिश्वत की रकम और भूमि विवाद से जुड़े दस्तावेज जांच का प्रमुख हिस्सा होंगे।
