टेलीग्राम पर खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर युवती से बढ़ाया संपर्क; दो साल तक कभी नौकरी तो कभी निवेश और इमरजेंसी जरूरत के नाम पर रकम मंगाता रहा आरोपी

एलन मस्क की कंपनी में नौकरी का झांसा, डॉक्टर की बेटी से ₹80 लाख की साइबर ठगी

Roopa
By Roopa
5 Min Read

पटना: अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी में आकर्षक वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर पटना में महिला डॉक्टर की बेटी से करीब ₹80 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि भारती मित्तल नाम के व्यक्ति ने टेलीग्राम के जरिए युवती से संपर्क किया और खुद को मस्क की कंपनी से जुड़ा अधिकारी बताकर उसका भरोसा जीता। इसके बाद करीब दो वर्षों तक अलग-अलग बहानों से उससे रकम अपने खाते में ट्रांसफर कराता रहा। खास बात यह है कि युवती ने अपनी मां के बैंक खाते से पैसे निकालकर पहले अपने खाते में भेजे और फिर आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए। बैंक पहुंचने पर मां को खाते में रकम नहीं होने का पता चला, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

टेलीग्राम से शुरू हुआ संपर्क, नौकरी का दिया लालच

पटना के एग्जीबिशन रोड इलाके में रहने वाली महिला डॉक्टर की बेटी नौकरी की तलाश में थी। इसी दौरान भारती मित्तल नाम के व्यक्ति ने टेलीग्राम पर उससे संपर्क किया। आरोपी ने खुद को एलन मस्क की कंपनी का अधिकारी बताया और युवती को बेहतर वेतन वाली नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। लगातार बातचीत के जरिए उसने युवती का विश्वास हासिल किया। इसके बाद बातचीत का दायरा नौकरी से आगे बढ़कर आर्थिक लेन-देन तक पहुंच गया।

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने युवती से कंपनी में शेयर लगाने और निवेश के नाम पर रकम मंगानी शुरू की। कुछ समय बाद उसने दावा किया कि उसका बैंक खाता किसी वजह से फ्रीज हो गया है और उसे तत्काल पैसों की जरूरत है। उसने भरोसा दिलाया कि स्थिति सामान्य होते ही वह पूरी रकम वापस कर देगा। युवती उसके झांसे में आती गई और अलग-अलग मौकों पर रकम ट्रांसफर करती रही।

Algoritha Security Launches ‘Make in India’ Cyber Lab for Educational Institutions

मां के खाते से रकम निकालकर आरोपी को भेजी

पीड़िता ने अपनी मां के बैंक खाते से रकम अपने खाते में ट्रांसफर की। इसके बाद वह रकम भारती मित्तल के खाते में भेज देती थी। करीब दो वर्षों में अलग-अलग लेनदेन के जरिए आरोपी के खाते में लगभग ₹80 लाख पहुंच गए। युवती के अनुसार, उसे भरोसा था कि नौकरी और दूसरे आर्थिक दावों के आधार पर आगे उसे लाभ मिलेगा।

मामला तब सामने आया जब महिला डॉक्टर को अपने बैंक खाते से पैसे निकालने की जरूरत पड़ी। बैंक पहुंचने पर उन्हें खाते में अपेक्षित रकम नहीं मिली। खाते से बड़ी रकम के लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपनी बेटी से पूछताछ की। इसके बाद बेटी ने बताया कि वह मां के खाते से रकम अपने खाते में ट्रांसफर करके आगे भारती मित्तल को भेजती रही है।

साइबर पोर्टल पर शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच

घटना सामने आने के बाद महिला डॉक्टर ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर थाने में भी मामला दर्ज कराया गया। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन, टेलीग्राम पर हुई बातचीत और आरोपी की पहचान से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने युवती के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरीके से निशाना बनाया था या नहीं।

साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक, साइबर ठगी के मामलों में अपराधी अक्सर नौकरी, निवेश और त्वरित आर्थिक लाभ जैसे भरोसेमंद दिखने वाले कारणों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर बने संपर्क को सत्यापित किए बिना पैसे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। किसी कंपनी में नौकरी या निवेश के नाम पर निजी खाते में रकम मांगना गंभीर चेतावनी संकेत है।

पुलिस मामले में आरोपी के बैंक खातों और डिजिटल संपर्कों की जांच के साथ यह भी खंगाल रही है कि ₹80 लाख की रकम आगे किन खातों में गई। जांच के आधार पर ठगी की पूरी वित्तीय कड़ी और संभावित नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

हमसे जुड़ें

Share This Article