गृह मंत्रालय के I4C ने शुरू किया Money Restoration Module; ठगी की रकम पहले संदिग्ध खाते में ट्रेस और फ्रीज होना जरूरी, 1930 पर तत्काल शिकायत करने की सलाह

ऑपरेशन जैकल-4 में बड़ा साइबर क्रैकडाउन, 58 गिरफ्तार; 263 संदिग्धों की पहचान

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By Roopa
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नई दिल्ली। पश्चिम अफ्रीकी संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ इंटरपोल के आठ महीने लंबे अंतरराष्ट्रीय अभियान ‘ऑपरेशन जैकल-4’ में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। छह महाद्वीपों के 22 देशों में चलाए गए इस अभियान के दौरान 58 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 263 संदिग्धों की पहचान की गई। जांच में ऐसे साइबर अपराध नेटवर्क का भी पता चला, जो अपराधियों को वेबसाइट डोमेन उपलब्ध कराने से लेकर ठगी की रकम को अलग-अलग माध्यमों से वैध दिखाने तक में मदद कर रहे थे।

इंटरपोल के मुताबिक, कार्रवाई का मुख्य निशाना ब्लैक ऐक्स और उससे जुड़े अन्य पश्चिम अफ्रीकी आपराधिक संगठन रहे। इन नेटवर्क पर रोमांस स्कैम, क्रिप्टोकरेंसी और निवेश धोखाधड़ी, बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज तथा अन्य गंभीर अपराधों में शामिल होने का आरोप है। अभियान में ऑस्ट्रिया, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत समेत छह महाद्वीपों के देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सहयोग किया।

जांच के दौरान 196 लोगों की पहचान ऐसे बड़े ‘क्राइम-एज-ए-सर्विस’ नेटवर्क से जुड़ाव के मामले में हुई, जो पश्चिम अफ्रीकी आपराधिक समूहों को ऑनलाइन ढांचा और मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी सहायता उपलब्ध कराने का काम करता था। इस मामले में 17 गिरफ्तारियां की गईं।

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में सात ठिकानों पर छापेमारी कर एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया, जो अंग्रेजी भाषी देशों के सेवानिवृत्त लोगों को रोमांस और निवेश योजनाओं के नाम पर निशाना बना रहा था। जांच में सामने आया कि गिरोह ने खुद को किसी वैध कारोबारी संगठन की तरह व्यवस्थित कर रखा था। इसके सदस्यों को ‘कन्वर्जन’ और ‘रिटेंशन’ एजेंट जैसी भूमिकाएं दी गई थीं, ताकि पीड़ितों से संपर्क बनाए रखने और उन्हें लगातार पैसे निवेश करने के लिए तैयार किया जा सके।

दक्षिण अफ्रीकी एजेंसियों और इंटरपोल की ऑपरेशनल सपोर्ट टीम ने इस कार्रवाई में 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया। करीब $2.67 मिलियन की संपत्ति जब्त की गई, जबकि 257 बैंक खातों को ब्लॉक किया गया।

रोमानिया में भी एक बड़े निवेश घोटाले का खुलासा हुआ। कॉल सेंटर से संचालित इस नेटवर्क के सदस्य शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में भारी रिटर्न का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए तैयार करते थे। इसके बाद रकम को आरोपियों द्वारा नियंत्रित डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया जाता था। जांच के अनुसार, इस नेटवर्क ने वैश्विक स्तर पर करीब €143 मिलियन यानी लगभग ₹1,700 करोड़ की रकम की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग की। कार्रवाई में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। करीब €330,000 यानी लगभग ₹3.9 करोड़ नकद और क्रिप्टोकरेंसी, छह रियल एस्टेट संपत्तियां और कई महंगी घड़ियां जब्त की गईं।

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जांच में एक ऐसे पैन-यूरोपीय मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की भी पहचान हुई, जो फर्जी कंपनियों, रेमिटेंस सेवाओं और नकद निकासी के जरिए अपराध से हासिल रकम के स्रोत को छिपाता था। एक बैंक खाते के जरिए 560 लेनदेन में करीब €845,000 यानी लगभग ₹10 करोड़ की रकम 20 अलग-अलग वित्तीय माध्यमों से घुमाई गई।

ऑपरेशन जैकल-4 नवंबर 2025 से जून 2026 के बीच चलाया गया। इसका उद्देश्य पश्चिम अफ्रीकी वित्तीय अपराध नेटवर्क के हाई-वैल्यू टारगेट की पहचान करना, मनी लॉन्ड्रिंग के रास्तों को तोड़ना और अवैध संपत्तियों को जब्त करना था।

इससे पहले ऑपरेशन जैकल के तीन चरणों में भी बड़ी कार्रवाई हुई थी। 2022 में 75 गिरफ्तारियां हुईं और €1.2 मिलियन की रकम रोकी गई। 2023 में 103 गिरफ्तारियां, 1,110 संदिग्धों की पहचान और 208 बैंक खातों को ब्लॉक किया गया। 2024 के तीसरे चरण में 300 गिरफ्तारियां हुईं, 400 संदिग्धों की पहचान की गई और 720 से अधिक बैंक खाते ब्लॉक किए गए।

साइबर अपराध विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के नेटवर्क की ताकत केवल तकनीकी साधनों में नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले वित्तीय और मानव नेटवर्क में होती है। “a Researcher at Algoritha Security” के अनुसार, रोमांस स्कैम, निवेश धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग को एक ही नेटवर्क में जोड़ना अपराधियों को सीमा पार रकम तेजी से स्थानांतरित करने में मदद करता है। ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन की कड़ी को समय रहते ट्रैक करना जांच एजेंसियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती होती है।

ऑपरेशन जैकल-4 ने यह संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय साइबर और वित्तीय अपराध से निपटने के लिए केवल स्थानीय स्तर की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। अपराधियों के डिजिटल बुनियादी ढांचे, बैंक खातों, क्रिप्टो वॉलेट और सीमा पार वित्तीय लेनदेन को एक साथ ट्रैक करना ही ऐसे संगठित नेटवर्क को कमजोर करने की कुंजी बनता जा रहा है।

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