फरीदाबाद। अंडमान में होटल बुकिंग कराने के नाम पर एक महिला से ₹84 हजार की साइबर ठगी के मामले में फरीदाबाद पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना सेंट्रल की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि आरोपी फर्जी वेबसाइट और मोबाइल नंबरों के जरिए लोगों को होटल बुकिंग का भरोसा देते थे और इसके बाद रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में चार लोग कॉलिंग का काम करते थे, जबकि अन्य आरोपी फर्जी वेबसाइट, बैंक खातों और तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था से जुड़े थे।
मामला सेक्टर-78 निवासी महिला की शिकायत से सामने आया। पुलिस के अनुसार, महिला ने 16 जून को अंडमान में होटल बुक करने के लिए इंटरनेट पर होटल तलाशा था। इसी दौरान उसे PACIFIC HOLIDAYS INDIA नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिला। वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपियों ने उसे होटल बुकिंग कराने का भरोसा दिलाया और बुकिंग की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर अलग-अलग माध्यमों से कुल ₹84 हजार ट्रांसफर करा लिए।
रकम भेजने के बाद जब महिला को होटल बुकिंग की वास्तविकता का पता चला तो उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। जांच के दौरान ठगी की रकम के लेनदेन और आरोपियों के इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस कथित नेटवर्क तक पहुंची।
पुलिस ने सबसे पहले राहुल को गिरफ्तार किया। जांच में आरोप है कि राहुल गिरोह के लिए फर्जी वेबसाइट तैयार करता था और साइबर ठगी के लिए जरूरी तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था करता था। पुलिस के मुताबिक, राहुल ने बीकॉम और एलएलबी की पढ़ाई की है। इसके बाद जांचकर्ताओं ने उस बैंक खाते की पड़ताल की, जिसमें महिला से ठगी गई रकम पहुंची थी। इसी वित्तीय कड़ी के आधार पर जय बिष्ट को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, जय बिष्ट के बैंक खाते में ठगी के पूरे ₹84 हजार जमा हुए थे। पूछताछ में कथित तौर पर पता चला कि उसका बैंक खाता उसकी साली ने हासिल कर अपने पति विक्रम को उपलब्ध कराया था। जांच में विक्रम को गिरोह का कथित मुख्य सरगना बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, विक्रम ने गाजियाबाद के मरियम नगर इलाके में एक कमरा किराए पर लिया था, जहां से वह अन्य आरोपियों के साथ कॉलिंग ऑपरेशन चलाता था।
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पुलिस का आरोप है कि विक्रम के साथ विशाल, अंकुर और पुनित सक्सेना इसी कमरे से लोगों को फोन करते थे। वे होटल बुकिंग की जरूरत रखने वाले लोगों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क कर बुकिंग कराने का भरोसा देते थे। बातचीत के दौरान पीड़ितों से बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। महिला से ठगी गई ₹84 हजार की रकम भी कथित तौर पर इसी नेटवर्क से जुड़े बैंक खाते में पहुंची।
जांच के दौरान पुलिस ने विक्रम, विशाल, अंकुर, पुनित सक्सेना और एक महिला आरोपी समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की गिरफ्तारी गाजियाबाद, हरिद्वार और हापुड़ से किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस अब आरोपियों के बीच भूमिका के बंटवारे, बैंक खातों के इस्तेमाल और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
साइबर अपराध में फर्जी वेबसाइट के जरिए होटल, टूर पैकेज और यात्रा सेवाओं की पेशकश कर ठगी का तरीका तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। अपराधी सर्च इंजन पर वास्तविक कंपनियों या होटल बुकिंग सेवाओं से मिलते-जुलते नामों वाली वेबसाइट तैयार कर सकते हैं। जब कोई व्यक्ति ऑनलाइन जानकारी तलाशता है और वेबसाइट पर दिए नंबर पर संपर्क करता है, तो उसे फोन या मैसेज के जरिए भुगतान के लिए प्रेरित किया जाता है।
प्रसिद्ध साइबर क्राइम विशेषज्ञ और पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ी ठगी में सबसे बड़ा जोखिम उस समय पैदा होता है जब ग्राहक किसी सर्च परिणाम से मिली वेबसाइट को बिना सत्यापन के आधिकारिक मान लेता है। उन्होंने कहा कि केवल वेबसाइट का पेशेवर दिखना उसकी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। होटल, एयरलाइन या ट्रैवल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत बुकिंग चैनल से नंबर की पुष्टि करना जरूरी है।
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि होटल, टूर पैकेज या किसी अन्य यात्रा सेवा की ऑनलाइन बुकिंग करते समय केवल विश्वसनीय और आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। इंटरनेट सर्च के दौरान मिले मोबाइल नंबरों या संदिग्ध वेबसाइटों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी भुगतान से पहले वेबसाइट, कंपनी और बैंक खाते की जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना साइबर ठगी से बचने का महत्वपूर्ण कदम है।
