देवास पुलिस की ‘ऑपरेशन हवालात’ के तहत कार्रवाई; आरोपी पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और वैध विवाह के बिना शादी की रस्म कराने का मामला दर्ज

शादी के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में 5 महीने से फरार आरोपी गिरफ्तार, धार से पकड़ा गया

Roopa
By Roopa
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इंदौर। शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी के मामले में करीब पांच महीने से फरार चल रहे 42 वर्षीय आरोपी को देवास पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान धार जिले के बालोदा मांझी निवासी आजाद शाह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार को धार जिले के बदनावर से गिरफ्तार किया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, आजाद शाह के खिलाफ बरोठा थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और वैध विवाह के बिना विवाह की रस्म पूरी कराने से संबंधित मामला दर्ज था। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। वह करीब पांच महीने से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

देवास पुलिस ने लंबे समय से फरार आरोपियों, वांछित अपराधियों और गिरफ्तारी वारंट वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत बरोठा थाना पुलिस ने आजाद शाह की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की। टीम ने संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के साथ मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी।

जांच के दौरान 27 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी बदनावर इलाके में मौजूद है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम तत्काल वहां पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। इस दौरान उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाई गई। तकनीकी साक्ष्यों के साथ स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं को मिलाकर पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची।

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मामले में पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कथित विवाह धोखाधड़ी में आरोपी की भूमिका क्या थी और उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। विवाह से जुड़े दस्तावेज, शिकायत में लगाए गए आरोप और मामले से संबंधित अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विवाह के नाम पर धोखाधड़ी के मामलों में अक्सर पीड़ितों को रिश्ता तय कराने, शादी कराने या विवाह संबंधी प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा देकर आर्थिक या अन्य लाभ लेने के आरोप सामने आते हैं। ऐसे मामलों में फर्जी पहचान, गलत जानकारी या कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का झूठा दावा भी किया जा सकता है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में धोखाधड़ी किस तरीके से की गई और आरोपी के साथ अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।

देवास पुलिस के अनुसार, लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हवालात’ के तहत 1 नवंबर 2024 से अब तक 1,360 फरार आरोपी, घोषित अपराधी और गिरफ्तारी वारंट वाले वांछित लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों पर कुल ₹2,02,500 का इनाम घोषित था।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के जरिए मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या आरोपी किसी अन्य समान मामले में शामिल रहा है या उसके खिलाफ पहले से कोई शिकायत या आपराधिक मामला दर्ज है।

मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं। पुलिस की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपी की वास्तविक भूमिका और मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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