नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने Fake UPI Payment Screenshots के जरिए दुकानदारों को कथित तौर पर ठगने और उनके मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर Unauthorized Financial Transactions करने के आरोप में 22 वर्षीय Nikhil Yadav को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी छोटी खरीदारी के बहाने दुकानों पर जाता था और Payment हो जाने का फर्जी Screenshot दिखाकर दुकानदारों को भ्रमित करता था। जब दुकानदार के खाते में रकम जमा नहीं होती थी, तब आरोपी Payment की समस्या ठीक करने के बहाने उनके मोबाइल फोन या UPI से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश करता था।
जांच में अब तक सामने आए मामलों में कुल कथित ठगी की रकम ₹30.81 लाख से अधिक बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का संबंध Delhi और Mumbai में दर्ज कम से कम आठ मामलों से सामने आया है। मामले में Financial Trail और अन्य Technical Evidence की जांच जारी है।
Sadar Bazar की शिकायत से खुला मामला
जांच की शुरुआत 29 मार्च को Sadar Bazar के कपड़ा कारोबारी Vishnu Kumar Goyal की शिकायत से हुई। शिकायत के अनुसार, Nikhil Yadav ने उनकी दुकान से कपड़े खरीदे और Payment किए जाने का Fake Screenshot दिखाया।
दुकानदार ने जब अपना Bank Account चेक किया तो रकम जमा नहीं हुई थी। आरोप है कि इसके बाद Yadav ने Payment में आई कथित तकनीकी समस्या को ठीक करने की पेशकश की और इसी बहाने दुकानदार के मोबाइल फोन तक पहुंच बनाई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर उनके Bank Account से ₹1 लाख ट्रांसफर कर लिए।
शिकायत के आधार पर Cyber North Police Station में e-FIR दर्ज की गई और मामले की जांच शुरू हुई।
पहले Fake Payment, फिर मोबाइल पर नजर
पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपी का तरीका छोटे और नियमित लेनदेन वाली दुकानों को निशाना बनाने पर आधारित था। वह पहले कम कीमत की खरीदारी करता था और फिर Payment सफल होने का Fake Screenshot दिखाता था।
जब दुकानदार अपने खाते में रकम जमा नहीं पाता था, तब आरोपी कथित तौर पर Payment की समस्या दूर करने के नाम पर मोबाइल फोन अपने हाथ में लेने की कोशिश करता था। यदि फोन सीधे नहीं मिलता, तो वह कथित तौर पर मोबाइल या UPI से जुड़े Credentials देखने या हासिल करने का प्रयास करता था।
मोबाइल फोन या जरूरी जानकारी हासिल करने के बाद आरोपी Banking और UPI Applications के जरिए कथित तौर पर Unauthorized Transactions करता था। ठगी की रकम अलग-अलग Mule Bank Accounts में Transfer की जाती थी। कुछ मामलों में रकम ATM से Cash के रूप में निकाली गई, जिससे Financial Trail को छिपाना और पैसों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो सके।
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Mule Account से सामने आया Financial Trail
जांच के दौरान पुलिस ने Banking और UPI Transactions के साथ Telecom Records का Technical Analysis किया। इसी प्रक्रिया में कथित तौर पर एक Mule Bank Account तक पहुंच बनाई गई, जो Malka Ganj निवासी Shahina के नाम पर था।
पुलिस के अनुसार, Shahina से पूछताछ में सामने आया कि रकम Burari निवासी Tarun को Transfer की गई थी। इसके बाद Tarun को पकड़ा गया। पुलिस का दावा है कि Tarun ने पूछताछ में बताया कि रकम Cash के रूप में Nikhil Yadav को दी गई थी।
पुलिस ने Yadav के कथित खुलासों को Technical और Documentary Evidence के साथ Cross-Verify किया। इसके बाद उसे इस मामले के साथ अन्य घटनाओं से भी जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई।
Delhi और Mumbai के 8 मामलों से जुड़ा नाम
पुलिस के मुताबिक, Technical और Documentary Evidence के आधार पर Yadav का संबंध Delhi और Mumbai में दर्ज सात अन्य मामलों से भी सामने आया है। Delhi में Cyber North West, Model Town, Sarai Rohilla, Sabzi Mandi और Roop Nagar से जुड़े मामले जांच के दायरे में हैं। Mumbai में Shivdi और Tardeo Police Stations में दर्ज मामलों से भी उसका कथित लिंक सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, Yadav ने Class 12 तक पढ़ाई की है और उसके खिलाफ पहले से Delhi और Mumbai में Theft और Cheating के आठ मामले दर्ज हैं।
₹30.81 लाख से अधिक की ठगी की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि अब तक सामने आए मामलों में कुल कथित ठगी ₹30.81 लाख से अधिक है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने इसी तरीके से कितने अन्य दुकानदारों को निशाना बनाया और Mule Accounts के नेटवर्क में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
यह मामला Cybercrime में Social Engineering और Fake Payment Proof के बढ़ते इस्तेमाल को भी सामने लाता है। ठग पहले भरोसा कायम करने के लिए कम मूल्य की खरीदारी और फर्जी Payment Confirmation का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर मोबाइल फोन, UPI Details या Banking Credentials तक पहुंच बनाने की कोशिश की जाती है।
ऐसे मामलों में दुकानदारों के लिए केवल Payment Screenshot देखकर लेनदेन को सफल मानना जोखिम भरा हो सकता है। वास्तविक Payment की पुष्टि Bank Account या संबंधित UPI Application में Credit देखकर ही करनी चाहिए। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति को मोबाइल फोन, Banking Application या UPI Credentials की पहुंच देना गंभीर वित्तीय नुकसान का कारण बन सकता है।
दिल्ली पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य मामलों, कथित Mule Account Network और ठगी की रकम के पूरे Financial Trail की जांच कर रही है। आगे की जांच में ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
