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कंबोडिया संसद ने ऑनलाइन फ्रॉड पर कड़ा कानून पास किया: जीवन कैद तक की सजा संभव

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By Roopa
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कंबोडिया के सांसदों ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी संचालन को सीधे निशाना बनाने वाला नया कानून सर्वसम्मति से पारित किया है। इस कानून के तहत दोषियों को जीवन कैद तक की सजा का प्रावधान है। संसद में सभी एक सौ बारह सदस्यों ने कानून को मंजूरी दी, जो देश के लिए पहला विशेष कानूनी ढांचा है, जिसका उद्देश्य तेजी से बढ़ती अवैध ऑनलाइन ठगी उद्योग पर नियंत्रण रखना है।

कंबोडिया सरकार ने अप्रैल के अंत तक इन फ्रॉड ऑपरेशनों को बंद करने का संकल्प लिया है। संसद में न्याय मंत्री केउट रिथ ने बताया कि इन स्कैम केंद्रों में हजारों लोग, खासकर अन्य एशियाई देशों से, नौकरी का झांसा देकर लाए जाते हैं और उन्हें नजदीकी गुलामी जैसी परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है।

संसद में चर्चा करते हुए कहा गया कि ये अपराध न केवल सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, बल्कि कंबोडिया की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को भी गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं। इन अपराधों में आम तौर पर झूठे निवेश योजनाएं और नकली रोमांस शामिल होते हैं, जिनसे हर साल पीड़ितों से अरबों डॉलर की ठगी की जाती है।

कंबोडियाई मीडिया और स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह कानून फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें झूठे ऑनलाइन प्रोफाइल और आकर्षक निवेश के जाल में फंसाया गया, और कुछ मामलों में तो उनकी संपत्ति और वित्तीय जानकारी तक को हथियाने की कोशिश की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि कंबोडिया में ऑनलाइन ठगी उद्योग ने तेजी से वृद्धि पाई है। “यह कानून कंबोडिया को साइबर अपराध के वैश्विक केंद्र बनने से रोकने में अहम भूमिका निभाएगा,” कहा गया। विशेषज्ञों ने आगे चेतावनी दी कि यदि यह कानून प्रभावी रूप से लागू हुआ, तो यह केवल स्थानीय अपराधियों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ भी कार्यवाही को गति देगा।

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कंबोडिया में फ्रॉड केंद्र आम तौर पर बड़े शहरी इलाकों में संचालित होते हैं और इनमें कई व्यक्तियों को जबरन काम करने के लिए रखा जाता है। अधिकांश फ्रॉड ऑपरेशनों में पीड़ितों को आकर्षक नौकरी या रोमांटिक संबंध का झांसा दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें नकदी, बैंक लेन‑देन और अन्य वित्तीय लेन‑देन के लिए दबाव डाला जाता है।

संसद में प्रस्तावित कानून में न केवल जेल की सजा का प्रावधान है, बल्कि साइबर अपराध में शामिल उपकरण और अवैध संपत्ति जब्त करने की शक्ति भी दी गई है। न्याय मंत्री केउट रिथ ने जोर देकर कहा कि कानून का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं है, बल्कि भविष्य में इस प्रकार के अपराधों को रोकना भी है।

कंबोडियाई संसद ने यह भी बताया कि कानून अभी सीनेट की समीक्षा और फिर राजा नरोडम सिहमॉनी की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कानून प्रभावी ढंग से लागू हुआ, तो यह न केवल स्थानीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर रोक लगाएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और यात्रियों के लिए कंबोडिया की सुरक्षा और भरोसे को भी बढ़ाएगा।

कुल मिलाकर, यह कानून कंबोडिया में ऑनलाइन फ्रॉड के खिलाफ पहला बड़ा कानूनी कदम है और इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी चल रही है। इससे देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को सुधारने और साइबर अपराध से प्रभावित नागरिकों और विदेशी निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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