मोहाली, चंडीगढ़, जालंधर और दिल्ली में एक साथ कार्रवाई; GMADA कार्यालय और पंजाब आवास विभाग के प्रमुख सचिव विकास गर्ग के कार्यालय में दस्तावेज, फाइलें और कंप्यूटर रिकॉर्ड खंगाले गए

₹150 करोड़ के CLU घोटाले की जांच तेज, GMADA कार्यालय और IAS अधिकारी के दफ्तर पर ED की रेड

Roopa
By Roopa
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मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) में कथित भ्रष्टाचार और करीब ₹150 करोड़ के भू-उपयोग परिवर्तन (CLU) घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमों ने मोहाली, चंडीगढ़, जालंधर और दिल्ली में कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान GMADA कार्यालय के साथ पंजाब आवास विभाग के प्रमुख सचिव विकास गर्ग के कार्यालय की भी तलाशी ली गई। जांच टीमों ने संबंधित फाइलों, दस्तावेजों, अभिलेखों और कंप्यूटर रिकॉर्ड की पड़ताल की।

सूत्रों के अनुसार, जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली से पहुंची ईडी की टीमें तीन वाहनों में GMADA कार्यालय पहुंचीं। इसके बाद अधिकारियों ने कार्यालय में मौजूद रिकॉर्ड की जांच शुरू की। टीमों ने विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित दस्तावेज और आधिकारिक फाइलें खंगालीं। कंप्यूटर में उपलब्ध रिकॉर्ड और डिजिटल सूचनाओं की भी जांच किए जाने की जानकारी है। कुछ अधिकारियों के मोबाइल फोन भी जांच के लिए लिए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि, मंगलवार को हुई छापेमारी के संबंध में ईडी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई GMADA में करीब ₹150 करोड़ के कथित भू-उपयोग परिवर्तन और शुल्क से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है। जांच में न्यू चंडीगढ़ की सनटेक सिटी समेत कई परियोजनाओं से जुड़े मामलों को भी शामिल किए जाने की जानकारी है।

भू-उपयोग परिवर्तन यानी CLU से संबंधित मामलों में किसी जमीन के स्वीकृत उपयोग को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दूसरे उपयोग में बदलने की अनुमति दी जाती है। इसी प्रक्रिया और उससे जुड़े शुल्क में कथित अनियमितताओं की जांच अब ईडी कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित परियोजनाओं में नियमों का पालन हुआ या नहीं और वित्तीय लेनदेन में किसी तरह की गड़बड़ी हुई या नहीं।

इस मामले में ईडी इससे पहले दो भवन निर्माताओं से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ले चुकी है। अब GMADA कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े कार्यालयों में हुई कार्रवाई से जांच का दायरा और बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, इसकी जानकारी एजेंसी की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

जांच के सिलसिले में आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है। उन्हें 18 और 27 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। 18 अगस्त को उनसे करीब आठ से नौ घंटे तक पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी। बराड़ नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की पूर्व निदेशक रह चुकी हैं। मामले में विभागीय स्तर पर लिए गए फैसलों और संबंधित परियोजनाओं की प्रक्रिया को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा भी 9 सितंबर को ईडी के जालंधर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पेश हुए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनसे आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। उस समय वह आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख थे। ईडी की पूछताछ में उनसे GMADA और संबंधित विभागों से जुड़े फैसलों तथा रिकॉर्ड के बारे में जानकारी लिए जाने की बात सामने आई थी।

इसके अलावा ईडी ने 10 सितंबर को मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को समन जारी कर मामले से संबंधित अभिलेख और जांच से जुड़ी जानकारी मांगी थी। इसके बाद GMADA कार्यालय में हुई मंगलवार की कार्रवाई को इसी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।

जांच एजेंसी अब कथित CLU अनियमितताओं, शुल्क निर्धारण, परियोजनाओं की मंजूरी और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है। ईडी की कार्रवाई के बाद मामले में आगे और अधिकारियों, परियोजनाओं या निजी संस्थाओं से जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने की संभावना है। फिलहाल किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या छापेमारी में किसी विशेष संपत्ति अथवा रकम की बरामदगी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही कथित घोटाले में संबंधित लोगों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्य स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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