अलीगढ़। होटल मेलरोज इन में पकड़े गए हाई-प्रोफाइल जुए के नेटवर्क में कथित तौर पर हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, जुआरियों के पास से जीएसएम ट्रांसमीटर और ब्लूटूथ आधारित गैजेट मिले हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल खेल के दौरान धोखाधड़ी और दूर से गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए किए जाने की आशंका है। उपकरणों को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
जांच में सामने आया कि जुए के इस नेटवर्क में सामान्य ताश के खेल के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सहारा लिया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, जीएसएम ट्रांसमीटर की मदद से दूर रखी किसी डिवाइस को नियंत्रित या सक्रिय किया जा सकता है। इससे मौके पर मौजूद नहीं रहने वाले लोग भी खेल से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रख सकते थे। पुलिस अब बरामद उपकरणों की तकनीकी जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि उनका वास्तविक इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और नेटवर्क में उनकी भूमिका क्या थी।
ब्लूटूथ गैजेट्स के जरिए भी खिलाड़ियों के बीच गोपनीय निर्देश या कोड साझा किए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों की मदद से जुए के दौरान बाजी को प्रभावित करने और दूसरे खिलाड़ियों के साथ धोखाधड़ी करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की विस्तृत पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने इस नेटवर्क के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। छापेमारी में कुल 22 पुलिसकर्मियों की टीम शामिल रही। मौके से 16 मोबाइल फोन और 19 ताश की गड्डियां बरामद की गईं। इसके अलावा जुए में लगाई गई करीब ₹5.50 लाख की नकदी भी जब्त की गई। पुलिस ने दो कार और 11 बाइक भी बरामद की हैं।
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17 जुआरी जेल भेजे गए
होटल में संचालित जुए के अड्डे से पकड़े गए 17 आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। मोबाइल में मिले संपर्कों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
जांच के दौरान होटल के रिसेप्शनिस्ट की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि वह कमरे की बुकिंग से लेकर होटल में आने-जाने वाले लोगों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखता था। उसके मोबाइल फोन की जांच में कई कथित बड़े बुकियों के नंबर मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इन संपर्कों के आधार पर जुए के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
सोने-चांदी का काम करने वाले भी शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग सोने-चांदी के कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के बाद उनके परिवारों में भी अफरातफरी की स्थिति रही। आरोपियों में शामिल करीब 60 वर्षीय एक बुजुर्ग के देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन उनकी तलाश में निकल पड़े। बाद में उन्हें पता चला कि बुजुर्ग पुलिस की हिरासत में हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि होटल में जुए का यह नेटवर्क कितने समय से चल रहा था और इसमें कितने लोग जुड़े थे। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल फोन की जांच से नेटवर्क के संचालन के तरीके, आपसी संपर्क और संभावित अन्य आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि जुए में इस्तेमाल की जा रही तकनीक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई गई थी या इसके पीछे कोई संगठित सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा था।
