राजस्थान पुलिस ने दिल्ली के उत्तम नगर में फर्जी बैंक ID और विजिटिंग कार्ड के जरिए Credit Card बेचने वाले कथित नेटवर्क का खुलासा किया है।

अमरनाथ टेंट घोटाले और नौकरी के नाम पर ठगी के आरोप में नेता पर एफआईआर

Roopa
By Roopa
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अनंतनाग। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अमरनाथ यात्रा से जुड़े कथित टेंट घोटाले और नौकरी के नाम पर ठगी के आरोप में अनंतनाग के एक स्थानीय राजनीतिक नेता आबिद हुसैन नेंगरू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर अमरनाथ गुफा के रास्ते में टेंट लगाने की जगह हासिल करने और बाद में उसे सेवा प्रदाताओं को देने का आरोप है। आरोप है कि ये सेवा प्रदाता आगे श्रद्धालुओं को टेंट किराये पर देते थे।

आरोपी के खिलाफ पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप भी लगाया गया है। प्राथमिकी एक शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता वहीद इत्तू ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने अलग-अलग मामलों में लोगों से कुल ₹8.25 लाख की रकम ली।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने एक परिचित को विशेष पुलिस अधिकारी की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर इत्तू से पैसे लिए थे। आरोप है कि नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर रकम लेने के बाद भी वादा पूरा नहीं किया गया।

इसके अलावा आरोपी पर पहलगाम में अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए टेंट लगाने की अनुमति दिलाने के नाम पर स्थानीय सेवा प्रदाताओं से पैसे लेने का भी आरोप है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टेंट लगाने की जगह हासिल करने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी और कथित तौर पर ली गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के अनुसार, आरोपी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अमरनाथ यात्रा मार्ग पर टेंट लगाने के लिए स्थान हासिल किया। इसके बाद इन स्थानों को सेवा प्रदाताओं को उपलब्ध कराया गया। सेवा प्रदाता इन टेंटों को यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किराये पर देते थे। पुलिस अब इस पूरी व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है।

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जांच का एक अन्य प्रमुख पहलू नौकरी दिलाने के नाम पर कथित आर्थिक लेनदेन है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर सकती है। साथ ही रकम के लेनदेन, संपर्क और नौकरी दिलाने के लिए किए गए कथित प्रयासों से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस की प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। एफआईआर दर्ज होना आरोपों का अंतिम रूप से साबित होना नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब दक्षिण कश्मीर में अमरनाथ यात्रा से जुड़े इंतजामों को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी करती हैं। यात्रा के दौरान टेंट, परिवहन, भोजन और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबार में बड़ी संख्या में स्थानीय सेवा प्रदाता शामिल होते हैं। ऐसे में टेंट लगाने की अनुमति और स्थान आवंटन से जुड़े आरोपों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर कितने सेवा प्रदाताओं से पैसे लिए गए और क्या टेंट लगाने की अनुमति दिलाने के नाम पर अन्य लोगों से भी रकम वसूली गई थी। इसके अलावा नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी में कितने लोग प्रभावित हुए, इसकी भी जांच की जा सकती है।

मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजी, वित्तीय और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस कथित टेंट आवंटन, सेवा प्रदाताओं से संपर्क और नौकरी के नाम पर हुए लेनदेन की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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