निवेशकों से रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर करीब ₹745 करोड़ जुटाने का आरोप; रकम से खरीदी ₹19 करोड़ की नौका, ₹10.9 करोड़ का आलीशान घर और महंगी घड़ी-आभूषण, कर्मचारियों के कर की रकम भी दबाने का आरोप

₹745 करोड़ की रियल एस्टेट धोखाधड़ी में भारतीय मूल के ऋषि कपूर को 11 साल 4 महीने की जेल

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By Roopa
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मियामी। भारतीय मूल के रियल एस्टेट कारोबारी ऋषि कपूर को अमेरिका की संघीय अदालत ने करीब 8.9 करोड़ डॉलर यानी लगभग ₹745 करोड़ की रियल एस्टेट धोखाधड़ी के मामले में 11 साल चार महीने की जेल की सजा सुनाई है। 41 वर्षीय कपूर ने धन शोधन और कर्मचारियों के वेतन से जुड़े करों की हेराफेरी की साजिश के आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया था। अदालत ने उन पर निवेशकों, कर्जदाताओं और सरकारी एजेंसियों को आर्थिक क्षतिपूर्ति और अन्य वित्तीय दायित्व भी लगाए हैं।

अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, कपूर ने 2016 से 2023 के बीच रियल एस्टेट परियोजनाओं में ऊंचे रिटर्न का भरोसा देकर निवेशकों से करीब 8.9 करोड़ डॉलर जुटाए। आरोप है कि इस रकम का बड़ा हिस्सा उन परियोजनाओं पर खर्च नहीं किया गया, जिनके लिए निवेश लिया गया था। इसके बजाय रकम का इस्तेमाल निजी खर्चों और अपने कारोबार को चलाते रहने के लिए किया गया।

कभी दक्षिण फ्लोरिडा के तेजी से उभरते रियल एस्टेट कारोबारियों में गिने जाने वाले कपूर लोकेशन वेंचर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। उनकी कंपनी ने कोरल गेबल्स, कोकोनट ग्रोव, मियामी बीच और फोर्ट लॉडरडेल जैसे इलाकों में लग्जरी आवासीय और साझा आवास परियोजनाओं को बढ़ावा दिया था। कंपनी के प्रमुख ब्रांड के तहत कई परियोजनाओं को निवेशकों के सामने आकर्षक रिटर्न के वादे के साथ पेश किया गया था।

कपूर के कारोबारी और राजनीतिक संपर्क भी उस समय चर्चा में आए थे। उनकी कंपनी ने मियामी के पूर्व मेयर फ्रांसिस सुआरेज को निजी सलाहकार के रूप में हर महीने करीब ₹84 लाख का भुगतान किया था। इस व्यवस्था को लेकर संभावित हितों के टकराव पर सवाल उठे थे। हालांकि, बाद में सामने आए संघीय मामले का मुख्य केंद्र कपूर की कथित वित्तीय धोखाधड़ी और निवेशकों की रकम का इस्तेमाल था।

जांचकर्ताओं के अनुसार, कपूर ने निवेशकों से जुटाई गई रकम को निर्धारित परियोजनाओं में लगाने के बजाय निजी खर्चों और कंपनियों के संचालन में लगाया। आरोप है कि उन्होंने ऋण हासिल करने के लिए बैंक विवरणों में हेराफेरी की। इसके अलावा, ऐसी संपत्तियों के खरीदारों की जमा रकम जारी कराने के लिए एस्क्रो एजेंटों को कथित तौर पर गुमराह किया गया, जिनका निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ था। अभियोजकों के मुताबिक, कपूर द्वारा प्रचारित कई परियोजनाएं कभी पूरी नहीं हो सकीं।

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अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, कपूर ने कथित तौर पर निवेशकों और कारोबार से प्राप्त धन से महंगी जीवनशैली बनाए रखी। इसमें करीब ₹19.3 करोड़ की 68 फुट लंबी नौका, लगभग ₹10.9 करोड़ का कोकोप्लम स्थित घर, रोलेक्स डेटोना घड़ी और महंगे आभूषण शामिल थे। उन्होंने विदेश यात्राओं और अन्य निजी खर्चों पर भी बड़ी रकम खर्च की।

मामले में कर्मचारियों से जुड़े करों की हेराफेरी का आरोप भी सामने आया। कपूर की कंपनी कर्मचारियों के वेतन से आयकर और सामाजिक सुरक्षा अंशदान काटती थी, लेकिन करीब 20 लाख डॉलर यानी लगभग ₹16.8 करोड़ की रकम अमेरिकी आंतरिक राजस्व सेवा को जमा नहीं की गई। कपूर ने इस मामले में भी अपराध स्वीकार किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल कंपनी का संचालन जारी रखने के लिए किया गया।

अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में कपूर के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उन्होंने बैंकों को गुमराह किया, निवेशकों को धोखा दिया और अपने कर्मचारियों से काटी गई रकम को भी कारोबार चलाने में इस्तेमाल किया। हालांकि, कपूर ने बाद में अभियोजन पक्ष के साथ समझौता किया और अपने खिलाफ लगे आरोपों में अपराध स्वीकार कर लिया।

कपूर को शुरुआत में तार धोखाधड़ी और बैंक धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा था। इन आरोपों में उन्हें इससे भी लंबी सजा हो सकती थी। बाद में समझौते के तहत उन्होंने धन शोधन और वेतन कर से जुड़ी साजिश के आरोप स्वीकार किए।

2023 में अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग की नागरिक कार्रवाई के बाद कपूर की कंपनी को न्यायालय की निगरानी में रखा गया। संघीय अधिकारी कपूर से जुड़ी जब्त संपत्तियों को बेचकर उससे प्राप्त रकम को पीड़ित निवेशकों की क्षतिपूर्ति में इस्तेमाल करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहे हैं। इनमें नौका और रियल एस्टेट संपत्तियां शामिल हैं।

मामले में अदालत की सजा के बाद अब जांच का केंद्र कथित धोखाधड़ी से जुटाई गई रकम, उससे खरीदी गई संपत्तियों और निवेशकों को होने वाले नुकसान की भरपाई पर है। कपूर की सजा ने दक्षिण फ्लोरिडा के रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़े निवेश वादों के साथ चलाए गए उनके कारोबारी मॉडल पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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