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फर्जी दस्तावेजों से दो पासपोर्ट हासिल करने का आरोप, 39 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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आजमगढ़। फर्जी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए कथित तौर पर दो अलग-अलग पासपोर्ट हासिल करने के मामले में जहानागंज पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पासपोर्ट के अलग-अलग आवेदनों में अपना नाम और जन्मतिथि बदलकर अलग पहचान दर्शाई थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बेलाल अहमद पुत्र इफ्तेखार, निवासी बरहतीर जगदीशपुर, थाना जहानागंज, उम्र करीब 39 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, मामले में 14 जुलाई 2026 को मिली शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रारंभिक कार्रवाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ने पर आरोपी के खिलाफ BNS की अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के पासपोर्ट आवेदनों में अलग-अलग व्यक्तिगत विवरण मिलने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, पहले पासपोर्ट के आवेदन में आरोपी ने मौलवी का अंकपत्र और शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। इन दस्तावेजों में उसका नाम बेलाल अहमद और जन्मतिथि 1 जनवरी 1987 दर्ज थी।

इसके विपरीत, दूसरे पासपोर्ट के लिए किए गए आवेदन में आधार कार्ड और पैन कार्ड लगाए गए थे। इन दस्तावेजों में नाम ‘अलमद बेलाल’ और जन्मतिथि 1 जनवरी 1997 दर्ज बताई गई है। पुलिस का आरोप है कि दस्तावेजों में व्यक्तिगत विवरण बदलकर आरोपी ने दूसरी पहचान के आधार पर पासपोर्ट हासिल किया।

मामले की जांच में पुलिस ने दोनों पासपोर्ट आवेदनों में लगाए गए दस्तावेजों और उनमें दर्ज जानकारियों का मिलान किया। नाम और जन्मतिथि में अंतर सामने आने के बाद आरोपी की भूमिका संदिग्ध मानी गई। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस के मुताबिक, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान 26 अगस्त को जहानागंज क्षेत्र से बेलाल अहमद को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

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पुलिस ने बताया कि मामले में अब BNS की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340 के साथ पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12(1)(बी) के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनका इस्तेमाल करने और कथित तौर पर गलत व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने से जुड़े पहलुओं को शामिल किया गया है।

मामले में दस्तावेजों की वास्तविकता की जांच भी महत्वपूर्ण है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पासपोर्ट आवेदन में इस्तेमाल किए गए प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड किस स्तर पर तैयार या उपलब्ध कराए गए थे। साथ ही, दोनों आवेदनों में अलग-अलग पहचान संबंधी जानकारी दिए जाने के पीछे आरोपी का उद्देश्य क्या था, इसकी भी जांच की जा रही है।

दो अलग-अलग दस्तावेजों में नाम और जन्मतिथि बदलने का मामला पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़े सवाल भी उठाता है। ऐसे मामलों में अलग-अलग सरकारी पहचान दस्तावेजों में दर्ज जानकारी का मिलान जांच का अहम हिस्सा होता है। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।

पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी पहचान या आधिकारिक दस्तावेज हासिल करने के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसी आरोपी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित तौर पर फर्जी जानकारी का इस्तेमाल केवल पासपोर्ट हासिल करने तक सीमित था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य भी था।

मामले की आगे की कार्रवाई न्यायालय में प्रस्तुत तथ्यों और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फर्जी दस्तावेजों के स्रोत और दोनों पासपोर्ट आवेदनों में इस्तेमाल की गई अलग-अलग पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।

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