FY2022-23 से जुड़े मामले में GST अथॉरिटी ने ब्याज और जुर्माने समेत ₹549.32 करोड़ की मांग की; कंपनी ने कहा- फिलहाल वित्तीय असर नहीं, तय समय में देगी जवाब

IRFC को ₹549 करोड़ का GST नोटिस, ₹305 करोड़ के अतिरिक्त ITC दावे पर उठे सवाल

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली: Indian Railway Finance Corporation (IRFC) को GST अधिकारियों की ओर से ₹549.32 करोड़ की मांग वाला Show Cause Notice मिला है। कंपनी के अनुसार, यह नोटिस 24 अगस्त 2026 को जारी किया गया और मुख्य विवाद वित्त वर्ष 2022-23 में ₹305.38 करोड़ के कथित अतिरिक्त Input Tax Credit (ITC) के दावे से जुड़ा है।

IRFC ने नियामकीय जानकारी में बताया कि GST प्राधिकरण ने कथित अतिरिक्त ITC के अलावा उस पर लागू ब्याज और संभावित जुर्माने को भी मांग में शामिल किया है। कंपनी ने हालांकि कहा है कि नोटिस मिलने से फिलहाल उसके वित्तीय प्रदर्शन या परिचालन पर तत्काल कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ा है।

FY23 के ITC दावे पर विवाद

मामले का मुख्य बिंदु वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी की ओर से लिए गए Input Tax Credit से संबंधित है। GST व्यवस्था में Input Tax Credit के तहत कारोबारी अपनी खरीद पर भुगतान किए गए पात्र GST को अपनी बिक्री या अन्य देनदारी पर लागू कर सकते हैं। हालांकि, नियमों के तहत ITC का दावा निर्धारित शर्तों और दस्तावेजों के आधार पर ही किया जा सकता है।

GST अधिकारियों ने IRFC के मामले में ₹305.38 करोड़ के ITC को अतिरिक्त या अनुचित रूप से लिए गए क्रेडिट के रूप में चिन्हित किया है। इसी आधार पर प्राधिकरण ने ब्याज और दंड समेत कुल ₹549.32 करोड़ की मांग प्रस्तावित की है।

Show Cause Notice मिलने का अर्थ यह नहीं है कि कंपनी पर अंतिम कर देनदारी तय हो गई है। नियामकीय प्रक्रिया के तहत कंपनी को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष अपना पक्ष रखने और नोटिस में उठाई गई आपत्तियों का जवाब देने का अवसर मिलेगा।

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कंपनी देगी जवाब

IRFC ने कहा है कि वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार GST प्राधिकरण के समक्ष अपना जवाब दाखिल करेगी। कंपनी का कहना है कि वह नोटिस में उठाए गए मुद्दों की समीक्षा कर रही है और उपलब्ध तथ्यों तथा दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष रखेगी।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस समय नोटिस का उसके वित्तीय प्रदर्शन पर कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ा है। हालांकि, यदि आगे चलकर GST प्राधिकरण की ओर से कंपनी के खिलाफ अंतिम आदेश पारित होता है और मांग कायम रहती है, तो उस स्थिति में वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जाएगा।

₹549 करोड़ की मांग में क्या शामिल है

GST नोटिस में ₹305.38 करोड़ का विवादित ITC मुख्य राशि के रूप में सामने आया है। इसके अतिरिक्त ब्याज और दंड को जोड़ने के बाद कुल मांग ₹549.32 करोड़ तक पहुंच गई है। यानी प्रस्तावित कुल देनदारी विवादित ITC की राशि से काफी अधिक है।

ऐसे मामलों में करदाता को नोटिस में लगाए गए आरोपों, गणना और संबंधित कर अवधि के आधार की जांच करने के बाद जवाब देना होता है। कंपनी की ओर से प्रस्तुत जवाब के बाद प्राधिकरण मामले पर आगे की कार्रवाई कर सकता है।

IRFC रेलवे क्षेत्र की प्रमुख वित्तीय संस्थाओं में शामिल है और भारतीय रेलवे से जुड़े बुनियादी ढांचे तथा परियोजनाओं के लिए वित्त उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए कंपनी के खिलाफ इतनी बड़ी GST मांग का खुलासा निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, हालांकि कंपनी ने तत्काल वित्तीय प्रभाव से इनकार किया है।

फिलहाल मामला Show Cause Notice के स्तर पर है और अंतिम कर देनदारी पर फैसला होना बाकी है। IRFC अब संबंधित GST प्राधिकरण के समक्ष अपना जवाब दाखिल करेगी। आगे की प्रक्रिया में कंपनी की आपत्तियों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ₹549.32 करोड़ की पूरी मांग कायम रहती है, उसमें बदलाव होता है या उसे वापस लिया जाता है।

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