देश का सबसे बड़ा बैंक अभी ₹10,000 तक के चेक AI से करता है प्रोसेस; नई सीमा लागू होने पर 50-55% चेक ऑटोमेटेड सिस्टम से निपटाने का अनुमान, लागत घटाने पर जोर

SBI का AI से 50% से ज्यादा चेक प्रोसेसिंग ऑटोमेट करने का प्लान, ₹1 लाख तक बढ़ेगी सीमा

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By Roopa
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मुंबई: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) चेक प्रोसेसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। बैंक मौजूदा ₹10,000 की सीमा को बढ़ाकर ₹1 लाख करने की योजना बना रहा है। SBI के मुख्य सूचना अधिकारी (CIO) अभय किशोर पांडे के अनुसार, सीमा बढ़ने के बाद बैंक के कुल चेक वॉल्यूम में से 50-55% से अधिक चेक ऑटोमेटेड मॉडल के जरिए प्रोसेस किए जा सकेंगे।

SBI फिलहाल चेक ट्रंकेशन सिस्टम के तहत इमेज आधारित AI मॉडल का इस्तेमाल कर रहा है। ₹10,000 तक के चेक की प्रोसेसिंग पहले से ऑटोमेटेड है और यह बैंक के कुल चेक वॉल्यूम का करीब 25% है। अब सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख करने से ऑटोमेशन का दायरा काफी बढ़ने की उम्मीद है।

AI से चेक प्रोसेसिंग में बढ़ेगा ऑटोमेशन

SBI पात्र चेक के लिए स्ट्रेट-थ्रू प्रोसेसिंग (STP) सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है, जिसमें लेनदेन के दौरान मानवीय हस्तक्षेप बेहद कम होता है। बैंक Vision Large Language Models के जरिए चेक की इमेज पढ़ता है, जरूरी जानकारियों की जांच करता है और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को सत्यापित करता है।

AI से प्रोसेस किए गए चेक के एक हिस्से की जांच कंट्रोल रिस्क यूनिट करती है। इसका उद्देश्य सिस्टम से होने वाली संभावित गलतियों या छूट की पहचान करना और जरूरत पड़ने पर AI मॉडल को दोबारा प्रशिक्षित करना है।

बैंक के मुताबिक, ऑटोमेशन का उद्देश्य केवल कर्मचारियों की जगह तकनीक को लाना नहीं है। इसके जरिए बैकएंड प्रोसेसिंग में लगे कर्मचारियों को ग्राहकों से सीधे जुड़ी सेवाओं और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अधिक समय देने का अवसर मिलेगा।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ेगा निवेश

SBI अपनी एंटरप्राइज-लेवल AI क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश भी बढ़ा रहा है। बैंक का सालाना टेक्नोलॉजी खर्च $2 बिलियन से अधिक है। अब AI प्लेटफॉर्म और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की तैयारी है। बैंक को उम्मीद है कि शुरुआती निवेश के बाद लंबे समय में परिचालन लागत कम करने में मदद मिलेगी।

SBI की व्यापक AI रणनीति का लक्ष्य कर्मचारियों की संख्या में समान अनुपात में वृद्धि किए बिना अधिक ग्राहकों को सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। बैंक का मानना है कि ऑटोमेशन से मौजूदा कर्मचारियों की मदद से बड़े ग्राहक आधार को संभालना संभव होगा।

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ग्राहकों की ‘लाइफटाइम वैल्यू’ बढ़ाने पर भी फोकस

बैंक AI का इस्तेमाल मौजूदा ग्राहकों से जुड़ाव बढ़ाने और उनकी ‘कस्टमर लाइफटाइम वैल्यू’ बढ़ाने के लिए भी करना चाहता है। इसके तहत ग्राहक व्यवहार और निवेश गतिविधियों का विश्लेषण कर लंबे समय तक ग्राहकों को बैंक से जोड़े रखने पर जोर दिया जा रहा है।

SBI ने लोन प्रोसेसिंग में भी AI का इस्तेमाल बढ़ाया है। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक ने AI आधारित अंडरराइटिंग के जरिए करीब ₹1 लाख करोड़ के MSME लोन का आकलन किया। इन ऋणों में प्रत्येक लोन की सीमा ₹5 करोड़ तक थी।

इन मॉडलों में GST डेटा, क्रेडिट ब्यूरो स्कोर, बैंक खाते की जानकारी और अन्य संरचित तथा असंरचित डेटा का इस्तेमाल कर्ज लेने वाले की क्षमता का आकलन करने के लिए किया जाता है। इससे रिलेशनशिप मैनेजरों का डेटा जुटाने और शुरुआती विश्लेषण में लगने वाला समय भी कम हुआ है।

छोटे कर्ज लेने वालों के लिए AI से तेज होगा फैसला

SBI के मुताबिक, AI आधारित अंडरराइटिंग से जुड़े कुछ पोर्टफोलियो में एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है। बैंक ने संकेत दिया है कि बिजनेस रूल इंजन के जरिए आकलन किए गए कुछ पोर्टफोलियो में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA) अपेक्षाकृत कम रही हैं।

बैंक के बोर्ड स्तर पर भी AI अब नियमित चर्चा का विषय बन चुका है। SBI की IT Strategy Committee AI से जुड़े निवेश और बैंक के विभिन्न कारोबारों में इसके विस्तार की रणनीति पर विचार कर रही है।

बैंक के अनुसार, छोटे आकार के कर्ज की मांग बढ़ने से तेज क्रेडिट डिसीजनिंग की जरूरत भी बढ़ रही है। अब केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में छोटे ग्राहक भी कर्ज के लिए आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में SBI Large Language Models (LLM) और Small Language Models (SLM) को अपने आंतरिक डेटा, बाहरी डेटासेट और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध क्रेडिट ब्यूरो जानकारी के साथ इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।

चेक प्रोसेसिंग से लेकर लोन अंडरराइटिंग और क्रेडिट डिसीजनिंग तक SBI अपनी बैंकिंग सेवाओं में AI का दायरा लगातार बढ़ा रहा है। बैंक की रणनीति में लागत कम करने, मौजूदा कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने, तेजी से फैसले लेने और अधिक ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने पर खास जोर है।

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