बर्मा और कंबोडिया से जुड़े स्कैम कंपाउंड्स, 503 फर्जी निवेश वेबसाइटों और करोड़ों डॉलर के क्रिप्टो फ्रॉड नेटवर्क पर अमेरिकी एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई।

एशिया के स्कैम रैकेट पर अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: क्रिप्टो फ्रॉड से अरबों डॉलर की ठगी, 503 फर्जी वेबसाइटें जब्त

Team The420
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नई दिल्ली। साइबर अपराध और क्रिप्टो फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच अमेरिका की विभिन्न संघीय एजेंसियों ने दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय बड़े स्कैम नेटवर्क्स के खिलाफ एक समन्वित और व्यापक कार्रवाई शुरू की है। इस कार्रवाई का केंद्र वे आपराधिक गिरोह हैं जो बर्मा और कंबोडिया जैसे देशों में बनाए गए स्कैम कंपाउंड्स के जरिए निवेश फ्रॉड, मानव तस्करी और डिजिटल धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे। अधिकारियों के अनुसार इन नेटवर्क्स ने अमेरिकी नागरिकों से अरबों डॉलर की ठगी की है।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा रैकेट “पिग बutchering” नामक एक खतरनाक साइबर फ्रॉड मॉडल पर आधारित था, जिसमें अपराधी पहले पीड़ितों से भरोसा बनाते हैं और फिर उन्हें फर्जी क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। शुरुआती चरण में पीड़ितों को नकली मुनाफा दिखाया जाता है, जिससे उनका विश्वास बढ़ता है, लेकिन बाद में पूरी रकम स्कैमर्स के नियंत्रण में चली जाती है।

इस बड़े ऑपरेशन के तहत दो चीनी नागरिकों पर आरोप लगाए गए हैं कि वे बर्मा में स्थित एक स्कैम कंपाउंड का संचालन कर रहे थे और बाद में कंबोडिया में भी इसी तरह का नेटवर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे। इनके खिलाफ वायर फ्रॉड की साजिश के मामले दर्ज किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि इन कंपाउंड्स में फंसे लोगों को मजबूर किया जाता था कि वे नकली वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्स के जरिए अमेरिकी नागरिकों को धोखा दें।

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एक अन्य बड़ी कार्रवाई में एक टेलीग्राम चैनल को जब्त किया गया है, जिसका उपयोग कथित रूप से मानव तस्करी के जरिए लोगों की भर्ती के लिए किया जा रहा था। इन लोगों को कंपाउंड्स में रखकर उन्हें अमेरिकी बैंकों और पुलिस संस्थानों के नाम पर फर्जी कॉल और संदेश भेजने के लिए मजबूर किया जाता था, ताकि वे लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी हड़प सकें।

अधिकारियों ने इस अभियान के दौरान 503 फर्जी निवेश वेबसाइटों को भी बंद कर दिया है, जो इस पूरे धोखाधड़ी नेटवर्क का डिजिटल आधार थीं। इन वेबसाइटों पर नकली निवेश योजनाएं और अत्यधिक मुनाफे के वादे दिखाकर लोगों को फंसाया जाता था। इसके अलावा, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े क्रिप्टो फंड्स में से 700 मिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति को भी फ्रीज किया गया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि ये स्कैम नेटवर्क न केवल वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल थे, बल्कि मानव तस्करी के गंभीर अपराधों से भी जुड़े हुए थे। बर्मा के एक कंपाउंड को स्थानीय सशस्त्र समूहों द्वारा पिछले साल कब्जे में लिया गया था, जिसके बाद वहां से बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण और डेटा बरामद हुआ। बाद में हजारों मोबाइल फोन और हार्ड ड्राइव की जांच की गई, जिससे पूरे नेटवर्क की संरचना और संचालन का खुलासा हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टो निवेश फ्रॉड अब दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों में शामिल हो चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार 2023 में जहां इस तरह की धोखाधड़ी से लगभग 3.96 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था, वहीं 2025 तक यह आंकड़ा 7.2 अरब डॉलर से भी अधिक पहुंच चुका है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह नेटवर्क अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और कई देशों में इसके नए ठिकाने सक्रिय हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय रैकेट की फंडिंग, डिजिटल ट्रांजैक्शन और भर्ती नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

यह कार्रवाई वैश्विक साइबर अपराध के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े अभियानों में से एक मानी जा रही है, जिसमें डिजिटल धोखाधड़ी, मानव तस्करी और क्रिप्टो मनी लॉन्ड्रिंग के संगठित गठजोड़ को निशाना बनाया गया है।

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