उरई के कोटरा क्षेत्र में आईपीएल क्रिकेट मैचों पर चल रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गैंग के सरगना सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। मौके से सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन और ₹37,470 नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिसमें देशभर के कई क्लाइंट जुड़े होने की आशंका है। कोटरा कोतवाली प्रभारी विमलेश कुमार ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बाईपास तिराहे के पास शुक्रवार को छापेमारी की गई, जहां इस गिरोह का खुलासा हुआ।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से अंशू अग्रवाल, जमील, खालिद, चंद्रशेखर नामदेव और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया। अंशू अग्रवाल को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जो मास्टर आईडी बनाकर अन्य सदस्यों को वितरित करता था। इसी आईडी के माध्यम से अलग-अलग क्लाइंट अकाउंट चलाए जाते थे और सट्टे का पूरा कारोबार संचालित होता था।
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पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे और आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सट्टा लगवाते थे। यह पूरा लेनदेन डिजिटल माध्यम से किया जाता था, जिसमें ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए बड़ी रकम का आदान-प्रदान होता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क में कई लेवल पर लोग शामिल थे, जो अलग-अलग क्लाइंट आईडी के जरिए सट्टे का संचालन करते थे। मास्टर आईडी से जुड़े ये अकाउंट अलग-अलग लोगों को दिए जाते थे ताकि ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो सके।
अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और आईपीएल सीजन के दौरान लाखों रुपये का अवैध कारोबार कर रहा था। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि यह नेटवर्क सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अन्य जिलों और राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं।
छापेमारी के दौरान बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना और लेनदेन का पूरा ब्योरा सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के माध्यम से कितने लोगों ने सट्टे में पैसे लगाए और कुल कितना वित्तीय लेनदेन हुआ।
पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। साथ ही अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी लगातार दबिश दी जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के ऑनलाइन सट्टा गिरोह डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर युवाओं को भी इस अवैध कारोबार में शामिल कर रहे हैं।
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं
