दुकानदारों से वसूली के दौरान पकड़े गए आरोपियों में शामिल महिला, पुलिस ने वाहन भी किया जब्त

गाजीपुर में इनकम टैक्स की फर्जी टीम का पर्दाफाश: सात गिरफ्तार, सरगना फरार

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By Roopa
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गाजीपुर के शादियाबाद थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम इनकम टैक्स अधिकारी बनकर वसूली करने वाले फर्जी गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक महिला भी शामिल है। गिरोह का सरगना इस दौरान भागने में सफल रहा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक चारपहिया वाहन भी जब्त किया है।

स्थानीय थाने को दुकानदारों की तरफ से तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच में जुट गई। जानकारी के अनुसार, फर्जी टीम शादियाबाद कस्बे के दुकानों पर पहुंचकर व्यवसायियों को धमकाती रही। आरोपियों ने कहा कि उनकी टीम लखनऊ से आई है और दुकानदारों को दबाव में रखकर वसूली की कोशिश की।

सबसे पहले टीम सीताराम किराना स्टोर पर पहुंची और दुकानदार को डराते-धमकाते हुए 10 हजार रुपये की वसूली की। इसके बाद मूरत प्रजापति की दुकान पर जाकर तीन हजार रुपये वसूले। वहीं, श्रीनिवास किराना स्टोर पर 30 हजार रुपये की मांग की गई। दुकानदारों को शक होने पर किसी ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने पूछताछ में खुलासा किया कि यह पूरी टीम फर्जी थी और इनका उद्देश्य दुकानदारों से जबरन वसूली करना था। जांच में पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—अनिल कुमार निवासी चोलापुर, वाराणसी; सदानंद प्रसाद निवासी सादात; प्रमोद कुमार निवासी यूसुफपुर, मुहम्मदाबाद; रवि पटेल निवासी लहरतारा, वाराणसी; देवा पटेल निवासी शिवपुर, वाराणसी; संकेत गुप्ता निवासी मुहम्मदाबाद, गाजीपुर; तथा महिला सुशीला गुप्ता निवासी मुहम्मदाबाद।

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पुलिस सूत्रों के अनुसार, फर्जी टीम का सरगना सरस गुप्ता फरार हो गया है। उसका पता लगाने के लिए पुलिस ने आसपास के सभी इलाकों में नाकेबंदी की है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के पास से जब्त चारपहिया वाहन के जरिए पुलिस आगे की जांच कर रही है कि इसका उपयोग किस तरह से वसूली और धमकाने में किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के फर्जी अधिकारी गिरोह तेजी से बढ़ रहे हैं, जो आम नागरिक और छोटे व्यवसायियों के लिए बड़ा खतरा हैं। ऐसे गिरोह अक्सर भीड़ का फायदा उठाकर धमकाते हैं और नकली पहचान पत्र तथा दस्तावेज दिखाकर वसूली करते हैं।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास ऐसे फर्जी अधिकारियों से सामना हो तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें और किसी भी दबाव में आकर पैसे न दें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अब तक कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें फर्जी अधिकारियों ने दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों से लाखों रुपये की वसूली की।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नागरिकों की सुरक्षा और भरोसेमंद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय पर कार्रवाई करना आवश्यक है। गाजीपुर पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और फरार सरगना को जल्द पकड़ा जाएगा।

विशेषज्ञ मानते हैं कि फर्जी वसूली और नकली अधिकारियों के गिरोह का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। इसलिए पुलिस और नागरिक दोनों को सतर्क रहना होगा। यह मामला समाज में जागरूकता और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है।

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