क्वांटम कंप्यूटिंग से क्रिप्टो की सुरक्षा पर सवाल, प्राइवेट की 9 मिनट में हो सकती है क्रैक

बिटकॉइन और इथेरियम को क्वांटम खतरा: Google रिसर्च ने बढ़ाई क्रिप्टो ट्रेडर्स की चिंता

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली: डिजिटल करेंसी की दुनिया में एक नई चेतावनी सामने आई है। Google की हालिया रिसर्च में कहा गया है कि क्वांटम कंप्यूटर अब Bitcoin और Ethereum जैसी क्रिप्टोकरेंसी की सुरक्षा को पहले के मुकाबले बहुत कम समय में तोड़ सकते हैं। यह स्टडी क्रिप्टो ट्रेडर्स के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि इसमें दावा किया गया है कि किसी के पास अत्यंत शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर होने पर 9 मिनट में प्राइवेट-की क्रैक की जा सकती है।

अभी क्रिप्टो सिक्योरिटी 256-bit elliptic curve cryptography पर आधारित है। इसे डिजिटल दुनिया का एक बेहद मजबूत ताला माना जाता है, जिसे पारंपरिक कंप्यूटरों को खोलने में लाखों साल लग सकते हैं। पहले एक्सपर्ट्स मानते थे कि इसे तोड़ने के लिए करोड़ों क्यूबिट्स वाला क्वांटम कंप्यूटर चाहिए होगा, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

लेकिन Google की नई स्टडी में बताया गया है कि यह काम अब 5 लाख से भी कम physical qubits वाले क्वांटम कंप्यूटर से संभव है। इसका मतलब है कि सुरक्षा खतरे में है और नए, अधिक सुरक्षित क्रिप्टोग्राफी एल्गोरिद्म को जल्दी अपनाना जरूरी हो गया है।

Bitcoin और Ethereum सिस्टम में पब्लिक-की और प्राइवेट-की दो मुख्य हिस्से होते हैं। पब्लिक-की वह होती है जिसे लोग साझा कर सकते हैं, जबकि प्राइवेट-की एक सीक्रेट पासवर्ड की तरह है जो साबित करती है कि ट्रांजैक्शन का असली मालिक आप ही हैं। हर लेन-देन प्राइवेट-की से साइन होता है। अगर यह किसी और के हाथ लग जाए, तो पूरा कंट्रोल उसके पास चला जाएगा।

रिसर्च में तीन तरह के क्वांटम खतरे बताए गए हैं। पहला on-spend attack, जिसमें ट्रांजैक्शन के समय फंड चोरी की कोशिश होती है। दूसरा at-rest attack, जिसमें लंबे समय से पड़े वॉलेट्स निशाने पर होते हैं। तीसरा on-setup attack, जो सिस्टम या प्रोटोकॉल में डिज़ाइन की खामियों का फायदा उठाता है।

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Bitcoin और Ethereum की सुरक्षा Elliptic Curve Discrete Logarithm Problem पर आधारित है। पब्लिक-की दिखाई देती है, लेकिन प्राइवेट-की निकालना लगभग असंभव माना जाता है। क्वांटम कंप्यूटर Shor’s Algorithm का इस्तेमाल करने पर यह सुरक्षा टूट सकती है। एक बार प्राइवेट-की निकल जाए, वॉलेट पर पूरा नियंत्रण हमलावर के पास चला जाएगा, और ब्लॉकचेन में ट्रांजैक्शन को उलटना असंभव है।

सबसे बड़ा खतरा पुराने वॉलेट्स से है, जिनकी private keys खो चुकी हैं। इनमें अरबों डॉलर के Bitcoin फंसे हुए हैं, जो भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर के हमलों का आसान निशाना बन सकते हैं।

इस खतरे से बचने के लिए दीर्घकालिक समाधान post-quantum cryptography (PQC) है। ये नए एल्गोरिद्म क्वांटम कंप्यूटर के हमलों से प्राइवेट-की तक पहुँचने से रोकेंगे। फिलहाल तुरंत उठाए जा सकने वाले कदम हैं: पब्लिक-की को कम से कम एक्सपोज करना, एक ही की बार-बार न इस्तेमाल करना, ट्रांजैक्शन स्तर पर सुरक्षा बढ़ाना और वॉलेट सुरक्षा मजबूत करना।

क्रिप्टो इंडस्ट्री के जानकार इसे गंभीर, लेकिन नियंत्रित चेतावनी मान रहे हैं। Binance के पूर्व सीईओ ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि यह संकेत है कि क्वांटम-रेडी एल्गोरिद्म अपनाने का समय आ गया है। एलॉन मस्क ने इसे हल्के अंदाज में लिया और मजाकिया रूप से कहा कि यह भविष्य में अपने वॉलेट पासवर्ड को रिकवर करने में मदद करेगा।

इस रिसर्च के बाद क्रिप्टो ट्रेडर्स और निवेशकों को सतर्क रहना, प्राइवेट-की की सुरक्षा सुनिश्चित करना और लेन-देन में अतिरिक्त सावधानी रखना आवश्यक है। क्वांटम कंप्यूटिंग की तेजी के साथ, सुरक्षा और तकनीकी तैयारियां समय से पहले जरूरी हो गई हैं।

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