Donald Trump ने Iran पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए बेहद कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते खतरे को रोकने के लिए यह सैन्य अभियान जरूरी था। ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि ईरानी नेतृत्व के साथ जुड़े लोग या तो सुरक्षा का रास्ता चुनें या फिर “निश्चित मौत” का सामना करने के लिए तैयार रहें। उनके इस बयान से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप का 8 मिनट का वीडियो संदेश: बड़ा सैन्य अभियान की पुष्टि
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी करीब आठ मिनट के वीडियो संदेश में पुष्टि की कि United States ने ईरान के खिलाफ एक “बड़ा और निरंतर” सैन्य अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य संभावित खतरों को खत्म करना और अमेरिकी नागरिकों, सैनिकों तथा सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ट्रंप के अनुसार यह कार्रवाई केवल एक सीमित हमला नहीं बल्कि ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
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ईरान पर पुराने आरोप: मिसाइल, परमाणु कार्यक्रम और आतंकवाद समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान लंबे समय से अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ आक्रामक गतिविधियों में शामिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। ट्रंप ने बयान में कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता और संभावित परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करना है, ताकि भविष्य में किसी भी खतरे को रोका जा सके।
अपने संदेश में ट्रंप ने 47 वर्षों से जारी अमेरिका-ईरान दुश्मनी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन लगातार अमेरिका विरोधी नारे लगाता रहा है और दुनिया के कई हिस्सों में हिंसा तथा आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों का सामना करता रहा है। ट्रंप ने ईरान पर अपने नागरिकों के खिलाफ दमनकारी नीति अपनाने और वैश्विक आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप भी लगाया।
ईरानी सैनिकों और जनता को संदेश: परिवर्तन का अवसर
राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने पहले ईरान को परमाणु गतिविधियां फिर से शुरू नहीं करने की चेतावनी दी थी और कई बार कूटनीतिक समझौते की कोशिश की गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश जारी रखी तो अमेरिका कठोर कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
सैन्य अभियान के संदर्भ में ट्रंप ने ईरानी सैन्य बलों को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जो सैनिक शासन की आक्रामक नीतियों से दूरी बनाएंगे उन्हें “प्रतिरक्षा” दी जा सकती है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि विरोध जारी रखने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने इस अभियान को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया।
ट्रंप ने ईरान की जनता को भी संबोधित करते हुए कहा कि यह समय परिवर्तन का अवसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिरता और स्वतंत्रता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। ट्रंप ने बयान में कहा, “आज स्वतंत्रता का समय करीब है।”
इस घोषणा के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने की आशंका पैदा कर सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर ऊर्जा बाजार, वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि सैन्य अभियान का उद्देश्य निवारक कार्रवाई है, लेकिन ईरान की ओर से संभावित प्रतिक्रिया को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
