मुंबई। मुंबई में शेयर बाजार से जुड़ी बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक 33 वर्षीय महिला को 76 वर्षीय कारोबारी के डीमैट खाते से कथित तौर पर बिना अनुमति ₹4.58 करोड़ के शेयर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान पुष्पा बिंद के रूप में हुई है, जो एक शेयर ट्रेडिंग फर्म में काम करती थी। पुलिस के मुताबिक, उसने कारोबारी के डीमैट खाते की जानकारी और पासवर्ड हासिल कर उनके निवेश पोर्टफोलियो में अनधिकृत तरीके से लेनदेन किया।
कैसे हासिल किया गया डीमैट खाते का एक्सेस?
मुंबई पुलिस की साउथ साइबर पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पुष्पा बिंद ने 10 अगस्त को गामदेवी इलाके में रहने वाले कारोबारी से संपर्क किया था। उसने उन्हें कुछ शेयरों में निवेश से मुनाफा मिलने की संभावना बताई थी।
आरोप है कि इसके बाद उसने कारोबारी के डीमैट खाते से जुड़ी लॉगिन जानकारी और पासवर्ड हासिल कर लिया। इससे उसे उनके निवेश पोर्टफोलियो तक पहुंच मिल गई।
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सिम कार्ड और OTP के जरिए किए गए लेनदेन
साइबर पुलिस के उपायुक्त बैरंग बानसोडे के अनुसार, जांच में पता चला कि आरोपी ने कारोबारी के रजिस्टर्ड ईमेल अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर का सिम कार्ड भी हासिल कर लिया था। इसके जरिए उसे शेयरों की खरीद-बिक्री के लिए जरूरी वन टाइम पासवर्ड (OTP) प्राप्त होने लगे।
पुलिस का आरोप है कि इसी जानकारी और OTP का इस्तेमाल करके आरोपी ने करीब ₹4.58 करोड़ के शेयर बेच दिए और उनकी जगह कम कीमत वाले पेनी स्टॉक्स खरीद लिए। पेनी स्टॉक्स ऐसे शेयर होते हैं जिनकी कीमत आमतौर पर कम होती है और जिनमें कारोबार की मात्रा भी सीमित हो सकती है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी को इन लेनदेन के बदले 30 प्रतिशत कमीशन भी मिला था। हालांकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कमीशन का भुगतान किसने किया था।
कारोबारी को कैसे हुआ धोखाधड़ी का पता?
कारोबारी को 11 अगस्त को अपने डीमैट खाते की जांच करने पर निवेश पोर्टफोलियो में गड़बड़ी का पता चला। यह घटना आरोपी महिला के संपर्क करने के ठीक एक दिन बाद सामने आई।
शिकायत मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने कार्रवाई की और करीब ₹2.86 करोड़ मूल्य के शेयरों की बिक्री रुकवा दी। पुलिस के अनुसार, ₹2.86 करोड़ से अधिक मूल्य के शेयर फ्रीज करा दिए गए हैं। हालांकि, बाकी शेयरों की स्थिति और उनसे संबंधित रकम का क्या हुआ, इस बारे में अधिकारियों ने अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
जांच में पुलिस को पता चला कि पुष्पा बिंद पहले मुंबई की कुछ जानी-मानी निवेश कंपनियों में काम कर चुकी है। पुलिस ने यह भी बताया कि सांताक्रूज और आजाद मैदान पुलिस पहले भी उसे अलग-अलग आपराधिक मामलों में गिरफ्तार कर चुकी है।
फिलहाल साउथ साइबर पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कारोबारी के खाते तक अनधिकृत पहुंच बनाने और शेयरों की खरीद-बिक्री करने में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
मामले की जांच जारी है और पुलिस कथित धोखाधड़ी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
