रांची | आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। इस प्रकरण में आरोपी विनय चौबे को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है, जबकि उनके साले, पत्नी और अन्य करीबी परिजनों से भी लगातार सवाल-जवाब जारी है। जांच एजेंसी का फोकस अवैध संपत्तियों, निवेश के स्रोतों और मनी ट्रेल की कड़ियों को जोड़ने पर केंद्रित है।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विनय चौबे को पहले गिरफ्तार किया गया था। रिमांड अवधि के दौरान उनसे यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि आय से अधिक संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई और उसे किन रास्तों से निवेश किया गया। पूछताछ का दायरा बैंक खातों, प्रॉपर्टी लेन-देन, कंपनियों में हिस्सेदारी और परिजनों के नाम पर किए गए निवेश तक फैला हुआ है।
बैंकिंग, प्रॉपर्टी और कंपनियों के जरिए निवेश की जांच
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एसीबी को कई ऐसे दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कथित अवैध धन को अलग-अलग चैनलों के जरिए घुमाया गया। पूछताछ के दौरान विनय चौबे से शेल कंपनियों, प्रॉक्सी निवेश और तीसरे पक्ष के जरिए किए गए लेन-देन को लेकर भी सवाल किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिली जानकारी के आधार पर मामले का दायरा और बढ़ सकता है।
इस प्रकरण में एसीबी अब तक विनय चौबे की पत्नी, साले और अन्य करीबी रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ के दौरान संपत्ति की खरीद-फरोख्त, कंपनियों में निवेश, बैंक खातों की जानकारी और वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई है। एजेंसी का दावा है कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि संपत्तियां और निवेश केवल आरोपी के नाम तक सीमित नहीं थे, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर भी बड़े लेन-देन किए गए।
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‘चेतन डील मार्क’ कंपनी पर भी नजर
एसीबी की जांच कोलकाता स्थित एक कंपनी “चेतन डील मार्क” तक भी पहुंची है। एजेंसी को जांच के दौरान यह जानकारी मिली है कि इस कंपनी के माध्यम से भी धन का निवेश किया गया हो सकता है। इस पहलू को लेकर कंपनी के बैंक खातों, निदेशकों, शेयरहोल्डिंग पैटर्न और ट्रांजैक्शन डिटेल की जांच की जा रही है। एसीबी यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि कंपनी का इस्तेमाल केवल निवेश के लिए किया गया या फिर मनी लॉन्ड्रिंग के उद्देश्य से इसका सहारा लिया गया।
छापेमारी और फॉरेंसिक जांच
मनी ट्रेल को मजबूत करने के लिए एसीबी की टीम ने अब तक कई ठिकानों पर छापेमारी की है। इन कार्रवाइयों के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डाटा और बैंक से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी सामग्रियों की फॉरेंसिक और वित्तीय जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धन कहां से आया और किन खातों या कंपनियों के जरिए उसे आगे बढ़ाया गया।
सीए से लंबी पूछताछ, चार्जशीट की तैयारी
बुधवार को एसीबी ने विनय चौबे के साले शीपिज त्रिवेदी के चार्टर्ड अकाउंटेंट उपेंद्र शर्मा से भी लंबी पूछताछ की। उनसे कंपनियों के लेन-देन, निवेश, आय-व्यय और टैक्स से जुड़े मामलों पर सवाल किए गए। एजेंसी के अनुसार, सीए से एक दिन पहले भी पूछताछ की जा चुकी है, हालांकि कई अहम बिंदुओं पर अभी स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाए हैं। जो जानकारियां सामने आई हैं, उनका सत्यापन किया जा रहा है।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ पूरी होने के बाद मामले में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिस तरह से जांच परिवार, कंपनियों और पेशेवर सलाहकारों तक पहुंची है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस केस में और नाम सामने आ सकते हैं।
