उरई: आउटसोर्सिंग भर्ती के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने आधी रात कार्रवाई करते हुए रेलवे के मंडल विद्युत इंजीनियर, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (टीआरडी) और एक टेक्नीशियन को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई एक कांट्रैक्ट कर्मचारी की शिकायत के बाद की गई, जिसमें नियुक्ति के लिए पैसे मांगे जाने का आरोप लगाया गया था।
सीबीआई और आरपीएफ सूत्रों के अनुसार झांसी के मोंठ निवासी कांट्रैक्ट वर्कर सिद्धार्थ गौतम ने 15 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि टीआरडी विभाग में आउटसोर्सिंग भर्ती के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। साक्ष्य जुटाने के बाद लखनऊ से आई सीबीआई टीम ने उरई स्थित टीआरडी कार्यालय में आधी रात छापा मारा।
छापे के दौरान वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (टीआरडी) भगवान सिंह को ठेकेदार से ₹20,000 लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। इसी दौरान दूसरी टीम चित्रकूट में मंडल विद्युत इंजीनियर शांतनु कुमार पर नजर रखे थी। जैसे ही एसएसई ने फोन पर पैसे मिलने की जानकारी दी, टीम ने मौके पर पहुंचकर इंजीनियर को टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा के साथ गिरफ्तार कर लिया, जिन पर रिश्वत लेने की सहमति का आरोप है।
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तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए उरई लाया गया, जहां रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में करीब साढ़े तीन घंटे तक तलाशी और दस्तावेजी कार्रवाई चली। देर रात हुई इस कार्रवाई से रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया गया कि मंडल विद्युत इंजीनियर ने दो महीने पहले ही उरई में कार्यभार संभाला था।
जांच एजेंसियों के अनुसार रिश्वत आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों की भर्ती कराने के बदले मांगी गई थी। सीबीआई अब कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन और भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह मामला बड़े स्तर की वसूली से जुड़ा है और अन्य लोगों की भी भूमिका है या नहीं।
कार्रवाई में सीबीआई के अधिकारियों के साथ रेलवे सुरक्षा बल का भी सहयोग रहा। तीनों आरोपियों को औपचारिक कार्यवाही पूरी होने के बाद विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, साथ ही यह भी जांच हो रही है कि क्या अन्य उम्मीदवारों या ठेकेदारों से भी रकम मांगी गई थी।
