यूपी के 17L कर्मियों पर AI अनिवार्यता: मिशन कर्मयोगी से स्मार्ट प्रशासन—लापरवाही पर सजा।

यूपी के 17 लाख सरकारी कर्मियों के लिए AI कोर्स अनिवार्य, तय समयसीमा में पूरा न करने पर कार्रवाई

Team The420
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उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 63 विभागों के 17 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कोर्स अनिवार्य कर दिया है। प्रमुख सचिव नियुक्ति की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा में प्रशिक्षण पूरा न करने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह निर्णय मिशन कर्मयोगी भारत के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना और उन्हें नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है। 12 फरवरी 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद 13 फरवरी को उच्च स्तरीय बैठक में सभी विभागों को निर्देश दे दिए गए।

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सरकार के अनुसार, सभी कर्मचारियों को कर्मयोगी भारत पोर्टल पर कुल तीन कोर्स करने होंगे, जिनमें से एक एआई से संबंधित होगा। यह कोर्स केवल औपचारिक प्रशिक्षण नहीं होगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित रहेगा।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में फाइलों के निस्तारण, जन शिकायतों के त्वरित समाधान, डेटा विश्लेषण, निर्णय समर्थन प्रणाली और सेवा वितरण में एआई की भूमिका बढ़ेगी। ऐसे में कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना आवश्यक है ताकि शासन की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और परिणामोन्मुख हो सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की निगरानी के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन का गठन किया गया है। राज्य स्तर पर भी एक अलग क्षमता निर्माण आयोग बनाया गया है, जो विभागों में प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा करेगा और समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

सरकार का मानना है कि एआई आधारित कार्यप्रणाली से फाइलों का लंबित निस्तारण कम होगा, डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी। डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने के लिए इसे एक संरचनात्मक सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर एआई प्रशिक्षण लागू करना देश में प्रशासनिक सुधार का महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, बशर्ते इसे केवल प्रमाणपत्र आधारित प्रक्रिया न बनाकर वास्तविक कार्य प्रणाली से जोड़ा जाए।

आदेश के अनुसार सभी विभागों को प्रशिक्षण की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करनी होगी। समय सीमा के भीतर कोर्स पूरा न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिससे कार्यक्रम को गंभीरता से लागू किया जा सके।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और नागरिकों को सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेंगी।

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