लगभग पांच दशक पहले जारी किया गया एक साधारण सा चेक आज तकनीक की दुनिया की सबसे कीमती धरोहरों में शामिल हो गया है। 1976 का एक Apple चेक, जिसकी मूल कीमत सिर्फ $500 (करीब ₹42,000) थी और जिस पर Steve Jobs तथा Steve Wozniak—दोनों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, हाल ही में $2.4 मिलियन (लगभग ₹20 करोड़) में नीलाम हुआ। यह सौदा Apple की शुरुआती कहानी के प्रति दुनिया भर में मौजूद आकर्षण को एक बार फिर साबित करता है।
कलेक्टर्स इस चेक को Apple का “बर्थ सर्टिफिकेट” मान रहे हैं, क्योंकि यह कंपनी का पहला आधिकारिक भुगतान था—वह पल जब एक छोटे से गैराज स्टार्टअप ने दुनिया की सबसे प्रभावशाली टेक कंपनी बनने की यात्रा शुरू की।
क्यों है यह चेक इतना दुर्लभ
यह चेक 16 मार्च 1976 का है, यानी Apple के औपचारिक रूप से रजिस्टर होने से लगभग दो हफ्ते पहले का। इस पर साफ तौर पर “Cheque No. 1” लिखा है, जो यह दर्शाता है कि यह कंपनी के पहले बैंक खाते से किया गया पहला भुगतान था।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पर दोनों संस्थापकों के एक साथ हस्ताक्षर हैं—जो बेहद दुर्लभ माना जाता है, खासकर इसलिए क्योंकि स्टीव जॉब्स आमतौर पर ऑटोग्राफ देने से बचते थे।
Apple के शुरुआती संघर्ष की झलक
बताया जाता है कि यह चेक हावर्ड कैंटिन नाम के एक डिजाइनर को दिया गया था, जिन्होंने स्टीव वोज़नियाक के हाथ से बनाए सर्किट डिज़ाइनों को प्रोफेशनल सर्किट बोर्ड में बदला। उस दौर में Apple के पास अपनी कोई फैक्ट्री नहीं थी। इसी काम के दम पर Apple का पहला कंप्यूटर Apple-1 तैयार हो सका।
उस समय सिर्फ 200 Apple-1 कंप्यूटर बनाए गए थे और हर एक की कीमत $666.66 रखी गई थी। आज अगर इनमें से कोई भी कंप्यूटर सही हालत में मिल जाए, तो उसकी कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है।
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रिकॉर्ड तोड़ नीलामी
इस ऐतिहासिक चेक की नीलामी RR Auction ने कराई। नीलामी संस्था के अनुसार, हाल के वर्षों में Apple से जुड़ी शुरुआती वस्तुओं की मांग तेज़ी से बढ़ी है।
बीते समय में स्टीव जॉब्स का साइन किया हुआ एक साधारण बिज़नेस कार्ड भी करोड़ों रुपये में बिक चुका है, जिससे Apple के संस्थापकों की लगभग ‘दंतकथा जैसी’ छवि का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नीलामीकर्ताओं का कहना है कि इस चेक की कीमत उम्मीद से कहीं ज़्यादा रही, जिसमें दुनिया भर के कलेक्टर्स और टेक इतिहास के शौकीनों ने जमकर बोली लगाई।
कागज़ नहीं, तकनीकी इतिहास का दस्तावेज़
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस चेक की असली कीमत उसकी रकम में नहीं, बल्कि उसके प्रतीकात्मक महत्व में है। यह उस कंपनी की शुरुआत का गवाह है जिसने पर्सनल कंप्यूटिंग, मोबाइल फोन और डिजिटल जीवनशैली की दिशा ही बदल दी।
एक छोटे से गैराज से शुरू हुई Apple की कहानी आज ट्रिलियन-डॉलर साम्राज्य तक पहुंच चुकी है—और यह चेक उसी ऐतिहासिक सफर का एक जीवित सबूत बनकर अब ₹20 करोड़ की कीमत के साथ नीलामी इतिहास में दर्ज हो गया है।
