दक्षिण कोरिया की पूर्व फर्स्ट लेडी किम किओन को 20 महीने की जेल, महंगे गिफ्ट लेने का दोषी ठहराया

Team The420
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सियोल | दक्षिण कोरिया की अदालत ने बुधवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की पत्नी और पूर्व फर्स्ट लेडी किम किओन को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में एक साल आठ महीने (20 महीने) की जेल की सजा सुनाई। अदालत ने किम को यूनिफिकेशन चर्च से जुड़े एक अधिकारी से अत्यंत महंगे उपहार स्वीकार करने का दोषी ठहराया, जिन्हें कारोबारी लाभ दिलाने के उद्देश्य से दिया गया बताया गया।

यह फैसला सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सुनाया। अदालत ने साथ ही 12.8 मिलियन वॉन (लगभग 9,000 अमेरिकी डॉलर) की राशि जब्त करने का भी आदेश दिया। इस फैसले के साथ ही किम किओन और उनके पति यून सुक येओल दक्षिण कोरिया के पहले ऐसे पूर्व राष्ट्रपति दंपत्ति बन गए हैं, जिन्हें आपराधिक मामलों में जेल की सजा सुनाई गई है।

अभियोजन की मांग से कम सजा

मामले की सुनवाई कर रही स्पेशल प्रॉसिक्यूटर टीम, जिसका नेतृत्व मिन जूंग-की कर रहे थे, ने किम किओन के लिए 15 साल की जेल की मांग की थी। अभियोजन का आरोप था कि किम ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए एक धार्मिक संगठन से जुड़े कारोबारी हितों को बढ़ावा देने के बदले कीमती उपहार स्वीकार किए।

हालांकि, अदालत ने अभियोजन की मांग को अत्यधिक मानते हुए अपेक्षाकृत कम सजा सुनाई। कोर्ट ने किम को स्टॉक प्राइस में हेराफेरी और पॉलिटिकल फंड्स एक्ट के उल्लंघन से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया, यह कहते हुए कि इन मामलों में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके।

किन उपहारों पर टिकी सजा

अदालत के अनुसार, किम किओन ने जुलाई 2022 में यूनिफिकेशन चर्च के एक अधिकारी से एक स्नेल (Chanel) हैंडबैग और एक महंगा ग्राफ नेकलेस स्वीकार किया था। कोर्ट ने इन्हें ऐसे उपहार माना, जो निजी संबंधों की सीमा से बाहर जाकर प्रभाव और लाभ के उद्देश्य से दिए गए थे।

हालांकि, अदालत ने अप्रैल 2022 में मिले एक अन्य स्नेल बैग को रिश्वत मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उस उपहार के बदले किसी विशिष्ट अनुरोध या प्रत्यक्ष लाभ की मांग के प्रमाण नहीं मिले, इसलिए उसे आपराधिक श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

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राजनीतिक पृष्ठभूमि भी रही अहम

किम किओन के पति यून सुक येओल, जो पहले ही राष्ट्रपति पद से हटाए जा चुके हैं, फिलहाल 2024 में मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश से जुड़े कथित बगावत के मामले का सामना कर रहे हैं। इस राजनीतिक और कानूनी पृष्ठभूमि ने किम के मामले को राष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक संवेदनशील बना दिया था।

विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला दक्षिण कोरिया में सत्तारूढ़ वर्ग के खिलाफ सख्त कानूनी रुख को दर्शाता है, जहां हाल के वर्षों में पूर्व राष्ट्रपतियों और उनके परिवारों पर भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई आम होती जा रही है।

फैसले के बाद की प्रतिक्रियाएं

फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद स्पेशल प्रॉसिक्यूटर टीम ने कहा कि वह इस सजा के खिलाफ अपील करेगी, क्योंकि अदालत द्वारा दी गई जेल अवधि अभियोजन की मांग की तुलना में काफी कम है।

वहीं, किम किओन के वकीलों ने कहा कि कीमती उपहार स्वीकार करने के आरोपों पर जेल की सजा अत्यधिक कठोर है। उन्होंने संकेत दिया कि वे भी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और यह तय किया जाएगा कि फैसले को उच्च अदालत में चुनौती दी जाए या नहीं।

देश में व्यापक असर

इस फैसले को दक्षिण कोरिया में राजनीतिक नैतिकता और सार्वजनिक जवाबदेही के लिहाज से एक अहम मोड़ माना जा रहा है। पूर्व फर्स्ट लेडी को जेल की सजा मिलने से देश की राजनीति पर लंबे समय तक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

अदालत के आदेश के साथ यह मामला फिलहाल समाप्त नहीं हुआ है, क्योंकि दोनों पक्षों की ओर से अपील की तैयारी की जा रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह केस एक बार फिर दक्षिण कोरिया की न्यायिक और राजनीतिक बहस के केंद्र में रहने की संभावना है।

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