मध्य प्रदेश का शिवपुरी जिला साइबर अपराध के नए हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहा है, जहां पुलिस ने एक संगठित सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को वीडियो चैट में फंसाता था और फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मोटी रकम वसूलता था।
कार्रवाई राज्यव्यापी “ऑपरेशन मैट्रिक्स” के तहत की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले व्हाट्सऐप और विभिन्न मोबाइल ऐप के जरिए संपर्क करते थे, फिर अश्लील वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर पीड़ितों को बलात्कार या बाल पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देते थे। इसके बाद ‘समझौते’ के नाम पर तत्काल पैसे मांगते थे, जो म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराए जाते थे।
Certified Cyber Crime Investigator Course Launched by Centre for Police Technology
कई ऐप से होता था संपर्क
पुलिस के अनुसार गिरोह HIIU, Tokki, MIKA, ELOELO, GAGA, HANI, SUGO, COMMECTO, HITSU, HONEY और COMET जैसे ऐप का इस्तेमाल कर शिकार तलाशता था। महिला नाम से बनाए गए फर्जी अकाउंट से बातचीत शुरू होती थी और वीडियो कॉल के बाद दूसरा सदस्य नकली पुलिस अधिकारी बनकर कॉल करता था।
एक सप्ताह में चार एफआईआर, 32 आरोपी
करैरा और भोंटी थाना क्षेत्रों में एक सप्ताह के भीतर चार एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें 32 लोगों के नाम सामने आए। अब तक 20 आरोपियों को पकड़ा गया है। 20 फरवरी को करैरा में छापे के दौरान 10 आरोपी पकड़े गए जबकि सात फरार हो गए। उसी दिन भोंटी में की गई दूसरी कार्रवाई में 10 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी और फर्जी लोन से जुड़े दो अन्य मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिससे गिरोह के बहुआयामी साइबर अपराध में शामिल होने के संकेत मिले हैं।
मोबाइल, एटीएम कार्ड और गाड़ियां बरामद
छापेमारी में 29 मोबाइल फोन, सात कारें, एक मोटरसाइकिल, 16 एटीएम कार्ड, सात बैंक पासबुक, एक संपत्ति रजिस्ट्री और ₹1.2 लाख नकद बरामद हुए। जब्त संपत्तियों की कुल कीमत करीब ₹1.07 करोड़ आंकी गई है। पुलिस का कहना है कि कई सिम कार्ड और वाहनों का इस्तेमाल अलग-अलग स्थानों से अपराध संचालित करने के लिए किया जाता था, जिससे यह स्पष्ट है कि यह कोई छिटपुट नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क था।
दिखावे की जिंदगी से प्रभावित हो रहे युवा
जांच में यह भी सामने आया कि इलाके के कुछ युवा तेजी से पैसे कमाने के लालच में साइबर अपराध की ओर आकर्षित हुए। महंगी गाड़ियां, हाई-एंड स्मार्टफोन और ब्रांडेड कपड़ों का दिखावा उन्हें इस रास्ते पर खींच लाया। पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी को ‘आसान कमाई’ समझने की प्रवृत्ति चिंताजनक है।
और गिरफ्तारियां संभव
डिजिटल साक्ष्य, बैंक ट्रांजैक्शन, म्यूल अकाउंट धारकों और सिम सप्लायर्स की जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान व्यक्तियों के साथ अश्लील वीडियो चैट से बचें और ब्लैकमेल की किसी भी कोशिश की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
शिवपुरी सेक्सटॉर्शन नेटवर्क की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
