लखनऊ | गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के कई अधिकारियों और अराजपत्रित पुलिस कर्मियों को गंभीर और संगठित अपराध से जुड़े वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियानों में साहस, पेशेवर दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा प्रदर्शित करने के लिए वीरता पदक प्रदान किए गए हैं।
इन सम्मानों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान संचालित उन STF अभियानों से जोड़ा जा रहा है, जिनमें भारी इनामी और अनेक आपराधिक मामलों में वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये सभी ऑपरेशन खुफिया सूचनाओं, तकनीकी इनपुट और फील्ड-लेवल समन्वय के आधार पर अंजाम दिए गए थे, जिनका उद्देश्य संगठित अपराध नेटवर्क, आदतन अपराधियों और अंतर-जिला आपराधिक गिरोहों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था।
सम्मानित अधिकारियों में राकेश, अपर पुलिस अधीक्षक, STF फील्ड यूनिट, आगरा शामिल हैं। उन्होंने 7 अगस्त 2024 को मथुरा जिले के फरह थाना क्षेत्र में हुई एक उच्च जोखिम वाली मुठभेड़ के दौरान STF टीम का नेतृत्व किया था। इस कार्रवाई में ₹1 लाख के इनामी एक वांछित अपराधी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसकी बाद में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न थानों में 39 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
धर्मेश कुमार शाही, पुलिस उपाधीक्षक, STF, लखनऊ को संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ कई अभियानों की निगरानी और संचालन में भूमिका के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। उनकी जिम्मेदारियों में रणनीतिक योजना, खुफिया सूचनाओं का विश्लेषण, विभिन्न STF इकाइयों के बीच समन्वय और मैदानी स्तर पर अभियानों की निगरानी शामिल रही।
सम्मान सूची में सत्य प्रकाश सिंह, निरीक्षक, STF फील्ड यूनिट, गोरखपुर तथा यशवंत सिंह, उप निरीक्षक, STF फील्ड यूनिट, गोरखपुर भी शामिल हैं। दोनों अधिकारी पूर्वी उत्तर प्रदेश में हिंसक अपराधों से जुड़े दोहराव अपराधियों के खिलाफ हुई मुठभेड़ों में शामिल रहे, जहां सशस्त्र खतरे के बीच ऑपरेशनल क्षेत्र को सुरक्षित रखने और प्रत्यक्ष कार्रवाई में उनकी भूमिका दर्ज की गई।
विनोद कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, STF फील्ड यूनिट, वाराणसी को वाराणसी जोन में सक्रिय आदतन अपराधियों के खिलाफ कई अभियानों की निगरानी के लिए सम्मानित किया गया है। इन अभियानों का फोकस लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त और अंतर-जिला नेटवर्क के जरिए सक्रिय गिरोहों पर रहा।
एक अन्य सम्मानित अधिकारी अमित श्रीवास्तव, निरीक्षक, STF फील्ड यूनिट, वाराणसी हैं। उन्होंने 21 मार्च 2022 को वाराणसी (ग्रामीण) के लोहता़ थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस कार्रवाई में ₹2 लाख के इनामी अपराधी मनोज सिंह उर्फ सोनू सिंह घायल हुआ और बाद में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ राज्य के विभिन्न जिलों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
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बैजनाथ राम, मुख्य आरक्षी, STF फील्ड यूनिट, वाराणसी को सशस्त्र अभियानों के दौरान अग्रिम पंक्ति में तैनाती और ऑपरेशनल सपोर्ट के लिए वीरता पदक प्रदान किया गया। उनकी भूमिका उच्च जोखिम वाली परिस्थितियों में मैदानी समर्थन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने से जुड़ी रही।
इसके अतिरिक्त मनोज कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी, STF फील्ड यूनिट, वाराणसी तथा संतोष कुमार सिंह, निरीक्षक, STF, लखनऊ को उन अभियानों में निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया है, जिनमें कई दर्जन मामलों में वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। एक ऐसे ही मामले में आरोपी के खिलाफ राज्य के विभिन्न थानों में 36 आपराधिक मामले दर्ज होने का उल्लेख है।
सौरभ मिश्रा, उप निरीक्षक, STF फील्ड यूनिट, अयोध्या को अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय संगठित अपराध समूहों के खिलाफ समन्वित अभियानों में भूमिका निभाने के लिए वीरता पदक दिया गया है।
सम्मानित सूची में कविंद्र साहनी, मुख्य आरक्षी, STF, लखनऊ और अतुल चतुर्वेदी, उप निरीक्षक, STF, लखनऊ भी शामिल हैं। दोनों 23 सितंबर 2024 को उन्नाव जिले के अचलगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में शामिल थे, जिसमें ₹1 लाख के इनामी अपराधी अनुज प्रताप सिंह घायल हुआ और बाद में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश और गुजरात में चार गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
इसी प्रकार प्रदीप कुमार सिंह, उप निरीक्षक, STF, लखनऊ और सुशील कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी, STF, लखनऊ को 27 जून 2023 को कौशांबी जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के लिए वीरता पदक प्रदान किया गया। इस मुठभेड़ में ₹1.25 लाख के इनामी अपराधी गुफरान घायल हुआ और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। उसके खिलाफ राज्य के विभिन्न जिलों में 15 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक तथा अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था/एसटीएफ) ने सम्मानित अधिकारियों और अराजपत्रित पुलिस कर्मियों को उनके साहसपूर्ण अभियानों, कर्तव्यों के निष्ठापूर्ण निर्वहन और उच्च जोखिम वाली परिस्थितियों में प्रदर्शित पेशेवर दक्षता के लिए बधाई दी। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ये सम्मान राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए STF द्वारा संचालित खुफिया-आधारित अभियानों की गंभीरता और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।
इन सम्मानों को संगठित और सशस्त्र अपराध के खिलाफ उत्तर प्रदेश STF की निरंतर और निर्णायक भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।