प्रयागराज में रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई: थाना प्रभारी सहित दो गिरफ्तार

Team The420
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भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने यमुनापार के बारा थाना प्रभारी विनोद कुमार सोनकर को ₹75,000 रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। वहीं, विजिलेंस टीम ने नगर निगम के टैक्स कलेक्टर अनूप चंद्र मिश्र को ₹10,000 घूस लेते रंगे हाथ पकड़कर अलग से कार्रवाई की। दोनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कर गिरफ्तारी की गई।

एंटी करप्शन विभाग के अनुसार, भदोही जिले के लुकमनपुर सुरियावां निवासी संतोष कुमार दुबे ने बारा थाना प्रभारी पर आरोप लगाया था कि एक मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने के बदले ₹75,000 की मांग की गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन निरीक्षक मृत्युंजय कुमार मिश्र के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम का गठन किया गया।

बुधवार दोपहर करीब 2:45 बजे टीम ने बारा थाने में ट्रैप कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर विनोद कुमार सोनकर को कथित रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हिरासत में लेकर घूरपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक आगे की जांच में मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।

दूसरी ओर, विजिलेंस टीम ने धूमनगंज क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर में नगर निगम के टैक्स कलेक्टर अनूप चंद्र मिश्र को ₹10,000 घूस लेते हुए गिरफ्तार किया। मीरापट्टी निवासी राजकुमार यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मां फूलकली देवी के नाम गयासुद्दीनपुर में अक्टूबर 2024 में मकान की रजिस्ट्री हुई थी और नगर निगम में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया था। आरोप है कि रिपोर्ट लगाने के बदले टैक्स कलेक्टर ने रिश्वत मांगी।

शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने ट्रैप बिछाया और आरोपी को निर्धारित राशि लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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सत्यापन के बाद ही हुई ट्रैप कार्रवाई

दोनों मामलों में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पहले शिकायतों का गोपनीय सत्यापन किया गया, उसके बाद ही ट्रैप की कार्रवाई की गई। एंटी करप्शन और विजिलेंस टीमों ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पूरी की, जिससे साक्ष्य मजबूत रह सकें।

विभागीय कार्रवाई भी संभव

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। निलंबन और सेवा संबंधी अनुशासनात्मक कदमों पर संबंधित विभाग निर्णय लेगा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के संकेत

हाल के दिनों में प्रयागराज और आसपास के जिलों में ट्रैप कार्रवाइयों की संख्या बढ़ी है, जिसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और शिकायत मिलने पर तत्काल ट्रैप किया जाएगा।

आम लोगों से शिकायत दर्ज कराने की अपील

एंटी करप्शन अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी ऑडियो, वीडियो या अन्य साक्ष्य के साथ शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और ट्रैप कार्रवाई के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ेगी और आम नागरिकों का भरोसा मजबूत होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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