मुंबई | संगीतकार और फिल्ममेकर पलाश मुछाल के खिलाफ धोखाधड़ी और निजी जीवन से जुड़े आरोप अब औपचारिक रूप से न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में पहुंच गए हैं। मराठी अभिनेता और निर्माता विज्ञान माने द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में पलाश मुछाल ने ₹10 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर किया है। इसी सिलसिले में मंगलवार को पलाश अपने अधिवक्ता श्रेयांश मितारे के साथ अंधेरी स्थित अदालत में पेश हुए।
यह विवाद उस समय सार्वजनिक चर्चा में आया, जब विज्ञान माने ने पलाश मुछाल पर ₹40 लाख की ठगी का आरोप लगाया और साथ ही उनकी निजी जिंदगी से जुड़े दावे भी सामने रखे। पलाश मुछाल ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है।
‘जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश’ का दावा
पलाश मुछाल की ओर से अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि विज्ञान माने ने मीडिया और सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से ऐसे बयान दिए, जिनका उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना था। याचिका के अनुसार, लगाए गए आरोप न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि उन्हें सोच-समझकर बदनाम करने की मंशा से प्रचारित किया गया।
पलाश ने इससे पहले सोशल मीडिया के जरिए यह भी बताया था कि उनके वकील ने विज्ञान माने को ₹10 करोड़ का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि विज्ञान माने ने अपमानजनक, असत्य और मानहानिकारक बयान देकर उनके चरित्र और प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े किए।
निजी जीवन को लेकर भी उठा विवाद
विवाद केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं रहा। विज्ञान माने ने पलाश मुछाल की निजी जिंदगी से जुड़े बयान भी दिए थे, जिनमें क्रिकेटर स्मृति मंधाना के साथ उनके कथित रिश्ते का उल्लेख किया गया। विज्ञान माने का दावा था कि इस रिश्ते के दौरान पलाश के व्यवहार को लेकर प्रश्न उठे थे। पलाश मुछाल ने इन आरोपों को भी सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि निजी जीवन को सार्वजनिक मंच पर घसीटना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि नैतिक रूप से भी अनुचित है।
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विज्ञान माने का पक्ष
मानहानि नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए विज्ञान माने ने कहा है कि उन्हें इस कानूनी कार्रवाई से कोई भय नहीं है और वे अपने आरोपों पर कायम हैं। उनका कहना है कि नोटिस के साथ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी संलग्न की गई थीं, जिनमें उनके बयानों का उल्लेख है। विज्ञान माने का दावा है कि वे अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
विवाद की पृष्ठभूमि
जानकारी के अनुसार, विज्ञान माने—जो पेशे से फिल्म फाइनेंसर हैं—की मुलाकात पलाश मुछाल से कुछ समय पहले एक साझा परिचित के माध्यम से हुई थी। विज्ञान माने का आरोप है कि इसके बाद एक फिल्म प्रोजेक्ट से जुड़े निवेश को लेकर उन्होंने रकम दी, जो वापस नहीं की गई। पलाश मुछाल का कहना है कि यह आरोप तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के समान है और वास्तविक स्थिति इससे अलग है।
अदालत तय करेगी आगे की दिशा
फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है। एक ओर पलाश मुछाल इसे अपनी प्रतिष्ठा पर हमला बता रहे हैं, वहीं विज्ञान माने अपने आरोपों पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि इस हाई-प्रोफाइल विवाद में न्यायिक रुख क्या होता है।
