फरीदकोट/चंडीगढ़ | पंजाब को संगठित अपराध से मुक्त करने के अभियान के तहत राज्य पुलिस ने अब तक की सबसे व्यापक और समन्वित कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के नाम से चलाए गए 72 घंटे के विशेष अभियान में विदेश में बैठे गैंगस्टरों से जुड़े 2,500 से अधिक सहयोगियों और मददगारों को हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई राज्य भर में एक साथ की गई, जिसमें संगठित अपराध के पूरे सपोर्ट सिस्टम को निशाने पर लिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के लिए 12,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जिन्होंने 2,000 से अधिक टीमों के रूप में समन्वित ढंग से कार्रवाई की। पहले से चिन्हित और मैप किए गए ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर गैंगस्टर नेटवर्क को जमीनी स्तर पर मिलने वाले समर्थन को तोड़ने की कोशिश की गई।
दो दिनों में 2,500 से अधिक डिटेन
पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन के पहले दिन 1,314 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि दूसरे दिन 1,186 अन्य मददगारों को पकड़ा गया। इस तरह दो दिनों में कुल 2,500 से अधिक लोगों को डिटेन किया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि ये सभी व्यक्ति किसी न किसी रूप में गैंगस्टर नेटवर्क को सहयोग दे रहे थे—चाहे वह लॉजिस्टिक सपोर्ट हो, सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराना हो, आर्थिक मदद देना हो या फिर संचार व्यवस्था में भूमिका निभाना हो।
पूरे इकोसिस्टम पर फोकस
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य संगठित अपराध के पूरे इकोसिस्टम को तोड़ना है। इसके तहत वित्तीय नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्टेशन, शरण देने वाले ठिकानों और संचार माध्यमों की गहन जांच की जा रही है। कई मामलों में संदिग्ध बैंक लेन-देन, मोबाइल संपर्क और डिजिटल सबूतों की भी जांच चल रही है।
Certified Cyber Crime Investigator Course Launched by Centre for Police Technology
पुलिस का मानना है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर स्थानीय मददगारों के माध्यम से ही अपने नेटवर्क को सक्रिय रखते हैं। ऐसे में इन सहयोगियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेना अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान कई ऐसे नाम सामने आए हैं जो लंबे समय से गैंगस्टरों के संपर्क में थे, लेकिन अब तक जांच के दायरे में नहीं आ पाए थे।
आम जनता से सहयोग की अपील
इस अभियान के साथ ही पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य-स्तरीय एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन को सक्रिय किया गया है, जहां गैंगस्टर गतिविधियों या वांछित अपराधियों से जुड़ी जानकारी गोपनीय रूप से साझा की जा सकती है।
पुलिस ने यह भी घोषणा की है कि गैंगस्टरों की गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली पुख्ता जानकारी देने वालों को 10 लाख रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है।
आगे और कार्रवाई के संकेत
फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत और भी बड़ी कार्रवाई संभव है।
राज्य पुलिस ने दोहराया है कि संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी और पंजाब को सुरक्षित व अपराध-मुक्त बनाने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी चलाए जाएंगे।
