नई दिल्ली | अमेरिकी टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में गुरुवार को तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे कंपनी का स्टॉक एक ही सत्र में करीब 10% टूट गया। यह 2020 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है। गिरावट के साथ कंपनी की मार्केट वैल्यू में लगभग 357 अरब डॉलर (करीब ₹32 लाख करोड़ से अधिक) की कमी आ गई, जिसने वैश्विक टेक शेयरों में भी चिंता बढ़ा दी।
कारोबार के दौरान माइक्रोसॉफ्ट का शेयर अपने पिछले बंद स्तर से नीचे $439.99 पर खुला और फिसलकर $421.02 के निचले स्तर तक पहुंच गया। सत्र के अंत तक कंपनी का मार्केट कैप घटकर करीब $3.22 ट्रिलियन पर आ गया। विश्लेषकों के मुताबिक, नतीजों और आउटलुक से जुड़े संकेतों ने निवेशकों की उम्मीदों को झटका दिया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली और जोखिम घटाने की रणनीति अपनाई गई।
निवेशकों को क्यों निराश किया नतीजों ने?
रिपोर्ट्स के अनुसार, तिमाही नतीजों में क्लाउड बिज़नेस की ग्रोथ बाजार अनुमान से थोड़ी कमजोर रही। Azure और अन्य क्लाउड सर्विसेज की ग्रोथ 39% दर्ज की गई, जबकि बाजार का अनुमान 39.4% था। हालांकि अंतर मामूली दिखता है, लेकिन ऊंचे वैल्यूएशन के माहौल में यह कमी निवेशकों के सेंटिमेंट पर भारी पड़ी।
इसके अलावा, कंपनी ने More Personal Computing सेगमेंट—जिसमें विंडोज़, डिवाइसेज़ और अन्य सेवाएं शामिल हैं—के लिए चालू तिमाही में लगभग $12.6 अरब के रेवेन्यू का संकेत दिया, जो स्ट्रीट के $13.7 अरब के अनुमान से कम है। ऑपरेशनल मार्जिन के अनुमान भी अपेक्षा से नरम रहे, जिससे आगे की लाभप्रदता को लेकर सवाल खड़े हुए।
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डेटा सेंटर क्षमता बनी चिंता
कंपनी प्रबंधन ने संकेत दिए कि डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता और उसकी प्राथमिकताओं ने भी प्रदर्शन को प्रभावित किया। संकेत यह भी मिले कि यदि आंतरिक जरूरतों की तुलना में ग्राहकों के लिए अधिक क्षमता उपलब्ध कराई जाती, तो क्लाउड परिणाम बेहतर हो सकते थे। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि डेटा सेंटर निर्माण की गति और कैपेक्स का निष्पादन आने वाले क्वार्टर्स में शेयर की दिशा तय करेगा।
अरबपतियों की नेटवर्थ से भी बड़ा झटका
एक ही दिन में माइक्रोसॉफ्ट की वैल्यू से उड़ा 357 अरब डॉलर का आंकड़ा, दुनिया के कई शीर्ष अरबपतियों की कुल संपत्ति से भी बड़ा है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, यह नुकसान टॉप-10 सूची में शामिल अधिकांश रईसों की नेटवर्थ से अधिक बैठता है। यही वजह है कि इस गिरावट ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान खींचा और टेक सेक्टर में जोखिम को लेकर सतर्कता बढ़ी।
आगे क्या देखेगा बाजार?
विशेषज्ञों के मुताबिक, निकट भविष्य में निवेशक क्लाउड ग्रोथ की निरंतरता, डेटा सेंटर विस्तार की टाइमलाइन, और मार्जिन पर प्रबंधन की स्पष्टता पर नजर रखेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी मांग और एंटरप्राइज खर्च की रफ्तार भी शेयर की रिकवरी में अहम भूमिका निभा सकती है। हालांकि, ऊंचे वैल्यूएशन और सख्त अपेक्षाओं के बीच किसी भी तरह की निराशा आगे भी उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है।
कुल मिलाकर, माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनी में आई यह तेज गिरावट बताती है कि बाजार फिलहाल नतीजों के छोटे संकेतों पर भी कड़ा रुख अपना रहा है—खासतौर पर तब, जब दांव बड़े हों और उम्मीदें उससे भी बड़ी।
