गाजियाबाद के एक कारोबारी और पेपर मिल मालिक पर मेरठ निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट से ₹1 करोड़ हड़पने का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि परिचय का लाभ उठाकर उधार ली गई रकम वापस नहीं की गई। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत और पुलिस जांच के बाद लोहियानगर थाने में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया।
शास्त्रीनगर निवासी सीए राहुल अग्रवाल के अनुसार, गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित शिप्रा सन सिटी निवासी राजेश अग्रवाल की काशीपुर (उत्तराखंड) में पेपर मिल है। राहुल उनकी फर्म का कार्य देखते थे, इसी परिचय के चलते 31 मई 2025 को राजेश ने ₹1 करोड़ उधार मांगे। विश्वास के आधार पर यह रकम आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दी गई।
Certified Cyber Crime Investigator Course Launched by Centre for Police Technology
आरोप है कि निर्धारित समय के बाद भी रकम वापस नहीं की गई और बार-बार कहने पर टालमटोल किया गया। मेरठ पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर राहुल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा और सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच एएसपी अंतरिक्ष जैन को सौंपी गई, जिसमें बैंक ट्रांजैक्शन से ₹1 करोड़ दिए जाने की पुष्टि हुई और आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद राहुल की तहरीर पर राजेश अग्रवाल, उनकी पत्नी दीपिका, बेटे दिगांश और भाभी वीना अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस अब लेनदेन, उधार की शर्तों और रकम के उपयोग की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों की भूमिका और धन की वर्तमान स्थिति का पता लगाया जा रहा है। मामले में आगे गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार जांच में यह भी देखा जाएगा कि रकम व्यक्तिगत उधारी थी या किसी व्यावसायिक निवेश के नाम पर ली गई थी। बैंक खातों का विवरण और संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता के बैंक रिकॉर्ड और आरटीजीएस ट्रांजैक्शन की पुष्टि होने के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
