नई दिल्ली: मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए तलाकशुदा महिलाओं को शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान छतरपुर निवासी अभिनव सिंह और साहिबाबाद निवासी करण शर्मा के रूप में हुई है। इनके कब्जे से लाखों रुपये की सोने की ज्वेलरी, ₹64,000 नकद, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है।
मामला 17 फरवरी को सामने आया जब हरियाणा के पानीपत की 35 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई। महिला की मुलाकात एक मैट्रिमोनियल पोर्टल पर अभिनव सिंह से हुई थी। आरोपी ने भरोसा जीतने के बाद उसे एक धार्मिक स्थल पर मिलने बुलाया और सुरक्षा के नाम पर उसके सोने के कंगन और चेन अपने पास रख लिए। मौका मिलते ही वह ज्वेलरी, मोबाइल फोन और दस्तावेजों से भरा बैग लेकर फरार हो गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 200 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और लोकल इंटेलिजेंस के साथ हाई-टेक ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया। तकनीकी निगरानी और छापेमारी के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद चोरी की ज्वेलरी को मालवीय नगर स्थित एक ‘कैश फॉर गोल्ड’ दुकान पर करीब ₹3 लाख में गिरवी रखा गया था, जिसमें से आरोपी को ₹1 लाख मिले थे। पुलिस सोना खरीदने वाले दुकानदार से भी पूछताछ कर रही है।
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पूछताछ में मुख्य आरोपी ने खुलासा किया कि वह हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों में मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए तलाकशुदा महिलाओं को निशाना बनाता था। वह खुद को संपन्न और गंभीर शादी का इच्छुक बताकर विश्वास हासिल करता और फिर मुलाकात के दौरान ज्वेलरी और नकदी लेकर फरार हो जाता था।
इस गिरोह में करण शर्मा की भूमिका सहयोगी की थी, जो एक कैब ड्राइवर है। उसने नकली नंबर प्लेट वाली कार उपलब्ध कराई और वारदात के बाद फरार होने में मदद की। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने कई महिलाओं को इसी तरह ठगा है और अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि मैट्रिमोनियल साइट पर बने रिश्तों में जल्दबाजी में भरोसा न करें, पहली मुलाकात सार्वजनिक स्थान पर करें और किसी भी स्थिति में ज्वेलरी, नकदी या दस्तावेज किसी के पास न छोड़ें। संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।
मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, बैंक खातों और डिजिटल डेटा की पड़ताल कर रही है ताकि ठगी के अन्य मामलों का भी खुलासा किया जा सके।
