साइबर ब्लैकमेलिंग के एक गंभीर मामले में कल्याणपुर की एक युवती से करीब ₹15 लाख वसूलने और रकम खत्म होने पर उसे देह व्यापार में धकेलने का आरोप सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर एक नामजद महिला समेत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार तीन वर्ष पहले उसे इंस्टाग्राम पर एक फर्जी आईडी से संदेश मिलने लगे। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपियों ने विश्वास जीत लिया। करीब एक वर्ष बाद दोबारा संपर्क कर उन्होंने युवती की निजी तस्वीरें होने का दावा किया और उन्हें वायरल न करने के नाम पर पहले ₹100–₹300 की छोटी रकम मांगी।
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पुलिस के मुताबिक यह रकम समय के साथ बढ़ती गई और युवती से हर महीने हजारों रुपये वसूले जाने लगे। दबाव में आकर उसने अपने पारिवारिक गहने बेचकर पैसे दिए। जब उसके पास पैसे खत्म हो गए तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसे देह व्यापार में धकेल दिया और वहां से मिलने वाली रकम भी अपने पास जमा कराई।
जांच में सामने आया कि युवती से ली गई रकम एक श्रद्धा कटियार नाम की महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई गई। पुलिस अब खाते की ट्रांजैक्शन डिटेल, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच कर रही है। साइबर सेल को भी मामले में शामिल किया गया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोप गंभीर हैं और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें यह भी देखा जाएगा कि क्या यह संगठित साइबर गिरोह है और क्या अन्य युवतियां भी इस जाल का शिकार हुई हैं।
इसी जिले के नजीराबाद क्षेत्र में साइबर ठगी का एक अलग मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग के खाते से बिना किसी ओटीपी और एपीके डाउनलोड के 62 ट्रांजैक्शन में ₹3.05 लाख निकाल लिए गए। पीड़ित ने बताया कि ठगों ने फोन कर एपीके फाइल डाउनलोड कराने का दबाव बनाया था, लेकिन उन्होंने कार्ड ब्लॉक कर दिया और नेट बैंकिंग एक्सेस सीमित कर दिया। इसके बावजूद अगले दिन खाते से रकम निकल गई।
पुलिस ने दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों को ट्रेस करने और रकम की रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं।
साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय निजी जानकारी और तस्वीरें साझा न करें। किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा है और किन-किन लोगों को निशाना बनाया गया है।
