झारसुगुड़ा: ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में पुलिस ने विशेष अभियान ‘साइबर कवच’ के तहत बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए ₹5.27 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया है। डिजिटल ट्रैकिंग, म्यूल खातों के विश्लेषण और बैंकिंग डेटा की तकनीकी जांच के बाद अलग-अलग थाना क्षेत्रों से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बड़ी संख्या में पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को घुमाने में किया जा रहा था।
जांच के दौरान टाउन थाना केस नंबर 86/2026 में धीरज कुमार साह, सुरिम साह, चंदन दास, चीनू यादव और रोशन गिरी को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 13 पासबुक, 8 एटीएम कार्ड और 6 मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस के अनुसार इन खातों के जरिए करीब ₹2 करोड़ का लेनदेन हुआ था। डिजिटल ट्रेल से यह भी पता चला कि रकम कई बैंक खातों में घुमाकर निकाली गई ताकि मूल स्रोत छिपाया जा सके।
सदर थाना केस नंबर 91/2026 में मोहम्मद अख्तर, विशाल सिंह, फैजान कुरैशी और एक नाबालिग को पकड़ा गया। इनके पास से पांच मोबाइल फोन मिले हैं। जांच में सामने आया कि यूको बैंक के खातों के जरिए हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन किए गए थे। पुलिस को शक है कि ये खाते म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल हो रहे थे, जिनमें ठगी की रकम डालकर तुरंत अलग-अलग जगह ट्रांसफर या निकासी की जाती थी।
एयरपोर्ट थाना केस नंबर 33/2026 में करुणाकर सिंह उर्फ करण को गिरफ्तार किया गया। उसके खातों से सूर्योडय बैंक, यूको बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक के जरिए ₹3 करोड़ से अधिक के लेनदेन का खुलासा हुआ। वहीं बदमाल थाना केस नंबर 62/2026 में अभिषेक तिवारी और अविनाश तिवारी को गिरफ्तार कर पासबुक और मोबाइल जब्त किए गए। इनके खातों में ₹10 लाख से अधिक का ट्रांजैक्शन मिला है।
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जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम अपने पास रखकर उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को छिपाने और बांटने में करते थे। इस तरीके से असली ठगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था क्योंकि पैसे कई स्तर पर घुमाए जाते थे।
पुलिस ने बताया कि एनसीआरपी और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के पोर्टल पर फ्लैग हुए ट्रांजैक्शन का तकनीकी विश्लेषण कर यह कार्रवाई की गई। एटीएम से निकासी, चेक ट्रांजैक्शन और डिजिटल लॉग को मिलाकर आरोपियों की पहचान की गई। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अन्य नेटवर्क की जानकारी भी मिली है, जिसके आधार पर आगे और कार्रवाई की तैयारी है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी के कहने पर बैंक खाता न खुलवाएं, एटीएम कार्ड या सिम किसी को न दें और संदिग्ध लिंक या कॉल से दूर रहें। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है ताकि रकम को समय रहते फ्रीज कराया जा सके।
‘साइबर कवच’ अभियान के तहत जिले में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे ताकि लोग म्यूल खातों और डिजिटल ठगी के तरीकों को समझ सकें। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
