इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर में कार रेंटल के नाम पर किए गए एक बड़े और संगठित फ्रॉड का खुलासा हुआ है। पुलिस ने लग्ज़री और हाई-एंड गाड़ियां किराए पर लेकर उन्हें अवैध रूप से गिरवी रखने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अब तक ₹3 करोड़ से अधिक मूल्य की 24 कारें बरामद की जा चुकी हैं, जिनमें ऑडी, XUV और थार जैसे प्रीमियम मॉडल शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इस ठगी का शिकार 40 से अधिक लोग हो चुके हैं।
मामला अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में दर्ज एक शिकायत के बाद सामने आया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी ने खुद को वैध कार रेंटल व्यवसायी बताकर कई वाहन मालिकों से संपर्क किया था। भरोसा कायम करने के लिए उसने शुरुआती एक-दो महीनों तक नियमित रूप से किराया दिया, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद कर दिया और वाहनों को लौटाने में टालमटोल करने लगा।
जब वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियां वापस मांगीं, तो आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाए। संदेह गहराने पर एक पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच आगे बढ़ने पर इसी तरह की कई अन्य शिकायतें सामने आईं, जिससे स्पष्ट हुआ कि मामला किसी एक वाहन तक सीमित नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित ठगी नेटवर्क से जुड़ा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने विशेष रूप से महंगी और अधिक मांग वाली एसयूवी और लग्ज़री कारों को निशाना बनाया। इन वाहनों को उसने अलग-अलग स्थानों पर गिरवी रखकर बड़ी रकम जुटाई। पुलिस का कहना है कि यह ठगी केवल इंदौर तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसपास के कई जिलों तक फैली हुई है।
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पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने किराए पर ली गई गाड़ियों को अपनी बताकर गिरवी रखा और असली मालिकों की पहचान छुपाई। अब यह जांच की जा रही है कि इन लेन-देन में किन दस्तावेजों का उपयोग किया गया, क्या फर्जी कागजात तैयार किए गए और क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल थे।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर समन्वित कार्रवाई करते हुए 24 लग्ज़री कारें बरामद कीं। जब्त वाहनों की कुल बाजार कीमत ₹3 करोड़ से अधिक आंकी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह से जुड़े और भी वाहन अभी बरामद होने बाकी हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले से जुड़ी लगभग 16 अन्य कारें अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं, ताकि सभी वाहन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा सकें।
अब तक पुलिस को 40 से अधिक आवेदन और शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। जांच के आगे बढ़ने के साथ पीड़ितों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरवी रखी गई गाड़ियों से कुल कितनी रकम जुटाई गई और उसका उपयोग कहां किया गया।
इस घटना ने कार रेंटल व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है, विशेष रूप से उन वाहन मालिकों के लिए जो बिना ठोस अनुबंध और पृष्ठभूमि सत्यापन के अपनी महंगी गाड़ियां किराए पर देते हैं। पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे हाई-वैल्यू वाहनों को किराए पर देने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं और दस्तावेजों की पूरी जांच सुनिश्चित करें।
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है, जिसके बाद अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
