मां बनाम IAS बेटा: उत्पीड़न और कब्जे के आरोपों में अभय सिंह पर शासन की नजर

Team The420
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लखनऊ | वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभय सिंह एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार आरोप किसी बाहरी पक्ष ने नहीं, बल्कि उनकी मां रेखा सिंह ने लगाए हैं। उन्होंने बेटे और बहू पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, धमकी देने और राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित उनके मकान पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। मामला शासन स्तर तक पहुंच चुका है और नियुक्ति विभाग ने आईएएस अधिकारी से औपचारिक जवाब तलब किया है।

यह कार्रवाई राजस्व परिषद के अध्यक्ष को भेजी गई एक लिखित शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें रेखा सिंह ने अपने ही बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शासन स्तर पर इस शिकायत को संवेदनशील मानते हुए प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

चित्तौड़गढ़ स्थित मकान पर जबरन कब्जे का दावा

रेखा सिंह का आरोप है कि उनके बेटे अभय सिंह और उनकी पत्नी ने चित्तौड़गढ़ स्थित उनके आवास पर जबरन कब्जा कर लिया। शिकायत के अनुसार, उन्हें गाली-गलौच और जान से मारने की धमकियां दी गईं, जिससे डर और असुरक्षा के कारण उन्हें अपना ही घर छोड़ना पड़ा।

उन्होंने दावा किया है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि लंबे समय से चल रहे मानसिक उत्पीड़न का नतीजा है। उनके अनुसार, स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अपने ही घर में असुरक्षित महसूस होने लगा।

शिकायत पत्र में लगाए गए गंभीर आरोप

राजस्व परिषद के अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में रेखा सिंह ने लिखा है कि एक जनवरी को अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ चित्तौड़गढ़ स्थित उनके घर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौच, धमकी और मारपीट की गई। रेखा सिंह का कहना है कि घटना के दौरान घर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए गए, ताकि कोई सबूत न बच सके।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जान के भय से उन्हें खुद को एक कमरे में बंद करना पड़ा। शिकायत में यह दावा किया गया है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना के चलते उन्हें मकान छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभय सिंह ने अपने स्टाफ के माध्यम से भी उन्हें धमकियां भिजवाईं।

रेखा सिंह ने पत्र में कहा है कि उनके पास उत्पीड़न से जुड़े मैसेज, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर प्रस्तुत किया जा सकता है।

शिकायत मिलने के बाद राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने मामले को प्रमुख सचिव, नियुक्ति विभाग को अग्रसारित कर दिया। सूत्रों के अनुसार, नियुक्ति विभाग ने आगे की कार्रवाई तय करने से पहले आईएएस अधिकारी से उनका पक्ष मांगा है।

अभय सिंह का इनकार, ‘ब्रेनवॉश’ का आरोप

आईएएस अधिकारी अभय सिंह और उनकी पत्नी ने सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। अभय सिंह का कहना है कि उनकी मां को उनके छोटे भाई और भाभी ने ब्रेनवॉश कर दिया है और वे उन्हीं के कहने पर ये आरोप लगा रही हैं।

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अभय सिंह के अनुसार, उनकी मां विभिन्न राज्यों में स्थित पारिवारिक संपत्तियों को गलत तरीके से बेचने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे एक जनवरी को चित्तौड़गढ़ पुलिस के साथ गए थे और इस पूरे विवाद से जुड़ी एफआईआर पहले ही स्थानीय थाने में दर्ज कराई जा चुकी है।

अभय सिंह ने स्वीकार किया है कि उन्हें इस मामले में नियुक्ति विभाग का पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें उनसे औपचारिक जवाब मांगा गया है। हालांकि, बाद में उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं अधिकारी

अभय सिंह 2007 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में राजस्व परिषद में तैनात हैं। उनका नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है।

बुलंदशहर के जिलाधिकारी रहते हुए सीबीआई ने उनके सरकारी आवास पर छापा मारा था। उस दौरान एजेंसी द्वारा ₹47 लाख नकद बरामद किए जाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद उन्हें डीएम पद से हटा दिया गया था। यह कार्रवाई अवैध खनन से जुड़े कथित मामलों के सिलसिले में हुई थी।

इससे पहले फतेहपुर के डीएम रहते हुए भी उन पर अवैध रूप से खनन पट्टे आवंटित करने के आरोप लगे थे। ये मामले बाद में व्यापक जांच का हिस्सा बने।

प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी सतर्कता

मां द्वारा लगाए गए ताजा आरोपों ने अभय सिंह के करियर में एक निजी और संवेदनशील मोड़ जोड़ दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि नियुक्ति विभाग शिकायत और अधिकारी के जवाब की जांच के बाद ही यह तय करेगा कि विभागीय कार्रवाई या कोई अन्य प्रशासनिक कदम उठाया जाए या नहीं।

कानूनी जानकारों के अनुसार, भले ही मामला पारिवारिक हो, लेकिन धमकी, अवैध कब्जा और उत्पीड़न जैसे आरोप, खासकर जब उनके समर्थन में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य होने का दावा किया गया हो, प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिए जाते हैं।

आगे बढ़ सकता है मामला

दोनों पक्षों के दावों और शासन स्तर पर शुरू हुई प्रक्रिया के बाद यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। नियुक्ति विभाग का कोई भी फैसला अभय सिंह की मौजूदा तैनाती और सेवा रिकॉर्ड पर असर डाल सकता है।

फिलहाल, अधिकारी यह कह रहे हैं कि मामला प्रारंभिक जांच के चरण में है और आगे की कार्रवाई आईएएस अधिकारी के जवाब तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी।

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