वर्चुअल सिम बॉक्स से डिजिटल अरेस्ट फोन—नागालैंड महिला पकड़ी गई।

गुरुग्राम में चीन से जुड़े साइबर फ्रॉड रैकेट को कॉल सपोर्ट देने वाली महिला गिरफ्तार

Team The420
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गुरुग्राम पुलिस ने आई4सी (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) के साथ संयुक्त कार्रवाई में नागालैंड की एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर चीन से संचालित साइबर ठगी गिरोह को कॉलिंग सपोर्ट दे रही थी। आरोपी किराये के फ्लैट में वर्चुअल सिम बॉक्स लगाकर अंतरराष्ट्रीय VoIP कॉल को भारतीय लोकल नंबर में बदलती थी, ताकि एजेंसियों से बचा जा सके।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने सात मोबाइल फोन (तीन स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन और तीन क्षतिग्रस्त हैंडसेट), तीन सिम कार्ड, वाईफाई मॉडेम और एक खराब लैपटॉप बरामद किया। मौके पर तीन मोबाइल फोन ऑटो डायलिंग मोड में पाए गए, जो एक कॉल कटते ही दूसरे भारतीय नंबर पर कॉल कर रहे थे। डिवाइस स्क्रीन पर “VDMS Apk App” चलती मिली।

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पुलिस के अनुसार आरोपी महिला की पहचान कुंग पनमे (30) के रूप में हुई है, जो नागालैंड के दीमापुर की रहने वाली है और सेक्टर-28, गुरुग्राम में किराये पर रह रही थी। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर चीन आधारित साइबर ठगों के लिए यह सेटअप चला रही थी। उसका काम मोबाइल फोन को लगातार चार्ज रखना और वाईफाई से कनेक्ट कर नेटवर्क उपलब्ध कराना था। इसके बदले उसके पति को कमीशन मिलता था।

जांच में सामने आया कि इस वर्चुअल सिम बॉक्स के जरिए डिजिटल अरेस्ट, गेमिंग फ्रॉड, निवेश ठगी और अन्य साइबर अपराधों के लिए भारतीय नागरिकों को कॉल की जाती थी। अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल कॉल में बदलने से कॉल की लोकेशन ट्रेस करना कठिन हो जाता है, जिससे ठगों को जांच एजेंसियों से बचने में मदद मिलती थी।

पुलिस को 10 फरवरी को सूचना मिली थी कि सेक्टर-28 के एक फ्लैट में अवैध समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर साइबर पुलिस टीम ने आई4सी के साथ मिलकर छापा मारा और मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब आरोपी के फरार पति और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। बरामद उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर कॉल डेटा, आईपी लॉग और फंड ट्रेल की पड़ताल की जा रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और स्थानीय सहयोगियों की पहचान हो सके।

अधिकारियों का कहना है कि वर्चुअल सिम बॉक्स का इस्तेमाल कर चलाए जा रहे ऐसे कॉलिंग मॉड्यूल साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा होते हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि अज्ञात नंबरों से आने वाली धमकी, निवेश या डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।

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