Google ने स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की उपलब्धता को लेकर नई नीति की घोषणा की है। इसके तहत 2027 की शुरुआत से K-12 छात्रों के अकाउंट में Google के AI टूल डिफॉल्ट रूप से बंद रहेंगे। इन सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए स्कूल प्रशासन को पहले अनुमति देनी होगी। हालांकि, Google Search में पहले से मौजूद कुछ AI फीचर्स काम करते रहेंगे। कंपनी का यह फैसला कक्षा में AI के बढ़ते इस्तेमाल और छात्रों की पढ़ाई पर इसके प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच आया है।
2027 से Google के AI टूल इस्तेमाल करने के लिए लेनी होगी अनुमति
Google की नई शिक्षा नीति के अनुसार, 2027 की शुरुआत से स्कूलों के K-12 छात्र अपने अकाउंट पर AI सेवाओं का इस्तेमाल तब तक नहीं कर सकेंगे, जब तक स्कूल प्रशासन उन्हें सक्रिय नहीं करता। इस बदलाव के दायरे में Google Search, Gemini, Gemini Notebook और Gemini in Classroom जैसी सेवाएं शामिल हैं।
Google के वाइस प्रेसिडेंट और एजुकेशन जनरल मैनेजर क्रिस फिलिप्स ने कंपनी के ब्लॉग पोस्ट में नई नीति की जानकारी दी। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों को यह तय करने का अधिक अधिकार देना है कि छात्र किन AI सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
यह नीति अमेरिका और कनाडा में किंडरगार्टन से लेकर हाईस्कूल तक के छात्रों के लिए लागू होगी। स्कूलों के एडमिनिस्ट्रेटर अपनी जरूरत और शैक्षणिक नीतियों के आधार पर अलग-अलग सेवाओं को चालू या बंद कर सकेंगे।
Google Search में बने रहेंगे AI फीचर्स
नई नीति को लेकर शुरुआत में यह भ्रम पैदा हुआ था कि अगर स्कूल प्रशासन AI सेवाओं को अनुमति नहीं देगा, तो छात्रों के लिए Google Search का इस्तेमाल भी बंद हो सकता है। हालांकि, Google ने बाद में स्पष्ट किया कि स्कूल Gemini जैसे अलग AI प्रोडक्ट्स को बंद रखते हुए भी Google Search का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि Google Search में मौजूद AI फीचर्स पूरी तरह हटाए नहीं जाएंगे। इसमें AI Overviews और AI से तैयार किए गए सारांश जैसी सुविधाएं शामिल रहेंगी।
कंपनी का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब उसके सर्च सिस्टम का एक अहम हिस्सा बन चुका है। इसलिए स्कूल अलग Gemini एप्लिकेशन पर नियंत्रण रख सकते हैं, लेकिन Google Search से AI की सभी सुविधाओं को पूरी तरह हटाना संभव नहीं होगा।
https://the420.in/fcrf-academy-12-india-focused-professional-certifications/
छात्रों के AI इस्तेमाल को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
Google की नई नीति ऐसे समय में आई है, जब स्कूलों में छात्रों द्वारा जनरेटिव AI के इस्तेमाल को लेकर बहस तेज हो रही है। चिंता जताई जा रही है कि छात्र होमवर्क, असाइनमेंट और दूसरे शैक्षणिक कार्यों को खुद समझने के बजाय AI टूल्स से सीधे जवाब हासिल कर सकते हैं।
Google ने इससे पहले अपने Classroom प्लेटफॉर्म में Gemini की सुविधा शामिल की थी। इसके कारण छात्रों को AI टूल्स तक पहुंच मिल सकती थी, जब तक कि स्कूल प्रशासन उन्हें बंद न कर दे।
इसके बाद Digital Childhood Institute और Schools Beyond Screens समेत 13 अभिभावक संगठनों ने अमेरिकी स्कूल जिलों से Gemini और YouTube की सेवाओं को बंद करने की अपील की थी।
Google के क्रिस फिलिप्स के अनुसार, नई व्यवस्था स्कूलों को AI के इस्तेमाल पर अधिक नियंत्रण देगी। इससे स्कूल प्रशासन यह तय कर सकेगा कि छात्रों को कौन-सी AI सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और किन पर प्रतिबंध लगाया जाए।
पढ़ाई में मदद के लिए Guided Learning जैसे फीचर्स
Google ने AI के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के साथ-साथ ऐसे शैक्षणिक फीचर्स पर भी जोर दिया है, जो छात्रों को केवल जवाब देने के बजाय विषय समझने में मदद करें। कंपनी के मुताबिक, अपडेटेड AI Mode और AI Overviews छात्रों को शैक्षणिक विषयों की चरणबद्ध व्याख्या उपलब्ध करा सकते हैं।
इस दिशा में Guided Learning सिस्टम भी पेश किया गया है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि होमवर्क से जुड़े सवालों पर सीधे उत्तर देने के बजाय छात्रों को संबंधित अवधारणाएं समझाने में मदद मिले।
Google Search में इस सुविधा का पायलट प्रोग्राम अमेरिका के चुनिंदा स्कूलों में शुरू होगा, जबकि Guided Learning को Classroom के माध्यम से वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराया गया है। कंपनी के अनुसार, शिक्षा के लिए तैयार किए गए इसके संस्करण में सामान्य उपभोक्ता उत्पादों की तुलना में अधिक सुरक्षा प्रतिबंध हैं। शिक्षक बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट भी देख सकते हैं।
Google की नई नीति से स्पष्ट है कि कंपनी स्कूलों में AI के इस्तेमाल को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय उसे नियंत्रित और शैक्षणिक उद्देश्यों के अनुरूप बनाने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि, अलग AI सेवाओं को छात्रों के लिए उपलब्ध कराने का अंतिम फैसला स्कूल प्रशासन के हाथ में होगा।
