20 किलो सोना घोटाला: ईडी ने पीएनबी को ₹255 करोड़ मूल्य की कुर्क संपत्तियों की बहाली की प्रक्रिया पूरी की

Team The420
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हैदराबाद | प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), हैदराबाद आंचलिक कार्यालय, ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को लगभग ₹255 करोड़ मूल्य की पांच कुर्क की गई अचल संपत्तियों की बहाली की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। ये संपत्तियां मेसर्स घनश्यामदास जेम्स एंड ज्वेल्स और उसके प्रबंध साझेदार संजय अग्रवाल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच के दौरान कुर्क की गई थीं।

ईडी के अनुसार, बहाल की गई संपत्तियां तेलंगाना के रंगारेड्डी और मेडक जिलों में स्थित भूखंड और कृषि भूमि हैं। विशेष पीएमएलए न्यायालय द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद इन संपत्तियों को पीएनबी को सौंपा गया। एजेंसी ने बताया कि वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इन संपत्तियों की कीमत लगभग ₹16 करोड़ आंकी गई है।

इस मामले में ईडी ने जांच की शुरुआत 19 अक्टूबर 2011 को की थी। यह जांच सीबीआई, बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड्स सेल (बीएस एंड एफसी), बेंगलुरु द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि घनश्यामदास जेम्स एंड ज्वेल्स और उसके साझेदारों ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को धोखा देने के इरादे से पंजाब नेशनल बैंक द्वारा कथित रूप से जारी की गई जाली बैंक गारंटी प्रस्तुत की, जिसके आधार पर 20 किलोग्राम सोना जारी कराया गया।

ईडी की जांच में सामने आया कि धोखाधड़ी के उजागर होते ही संजय अग्रवाल और उनके भाइयों अजय कुमार तथा विनय कुमार ने हैदराबाद के आबिड्स क्षेत्र स्थित दुकान से सारा सोना हटा लिया, जो पीएनबी के पास गिरवी रखा गया था। आरोप है कि इस सोने को स्थानीय बाजार में नकद में बेच दिया गया और उससे प्राप्त धन को बाद में विभिन्न माध्यमों से निवेश कर छिपाने का प्रयास किया गया।

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जांच एजेंसी के अनुसार, दिसंबर 2012 में इस अवैध धन का एक हिस्सा संजय अग्रवाल द्वारा अपनी पत्नी के नाम से खोली गई नई फर्म में निवेश किया गया। इसके बाद, आरोपियों ने अपने भाइयों और एक कर्मचारी के नाम पर तीन अन्य फर्में भी स्थापित कीं। जांच के दौरान यह पाया गया कि परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी फर्मों के नाम पर खोले गए कई बैंक खातों में भारी मात्रा में अघोषित नकद जमा किया गया।

ईडी ने यह भी दावा किया कि संजय अग्रवाल ने ‘विकांत गुप्ता’ की फर्जी पहचान पर पासपोर्ट बनवाया, कई बार विदेश यात्राएं कीं और अवैध कमाई को छिपाने के उद्देश्य से कई बैंक खाते खोले। धन के लेन-देन की विस्तृत जांच में यह भी सामने आया कि उनके एक कर्मचारी अविनाश सोनी के नाम पर बेनामी संपत्तियां अर्जित की गई थीं।

इससे पहले, ईडी ने 11 फरवरी 2022 को संजय अग्रवाल को गिरफ्तार किया था और उनसे जुड़े परिवार के सदस्यों तथा बेनामी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज नौ अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। मामले में 11 अप्रैल 2022 को माननीय विशेष पीएमएलए न्यायालय, नामपल्ली, हैदराबाद के समक्ष अभियोजन शिकायत भी दायर की गई थी।

ईडी ने बताया कि पीएमएलए की धारा 8(8) के तहत पीएनबी को विशेष अदालत में बहाली आवेदन दायर करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद, ईडी ने धोखाधड़ी से प्रभावित बैंक को कुर्क संपत्तियां लौटाने के लिए सहमति दी, जिससे नुकसान की आंशिक भरपाई संभव हो सके।

माननीय विशेष पीएमएलए न्यायालय, नामपल्ली, हैदराबाद, ने 19 जनवरी 2026 के आदेश में पीएनबी द्वारा दायर बहाली याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद कुर्क की गई अचल संपत्तियों की बहाली का मार्ग प्रशस्त हुआ।

ईडी ने स्पष्ट किया कि मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही पीएमएलए के प्रावधानों के अनुरूप जारी रहेगी।

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